RANCHI: झारखंड में प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास को लेकर सियासत तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनता के पैसों से लगभग 100 करोड़ रुपये का शीश महल बनवा रही है। उन्होंने कहा कि जो सरकार खुद को गरीब, आदिवासी और मूलवासी की सरकार बताती है, वही मुख्यमंत्री के लिए आलीशान आवास बनाने में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में स्विमिंग पूल, जकूजी, आलीशान कमरे, लगभग दो करोड़ रुपये का फव्वारा और करीब ढाई करोड़ रुपये का गार्डन जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं। प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह भी मौजूद थे।
दिल्ली के नक्शे कदम पर झारखंड सरकार
प्रतुल ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की राह पर चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह दिल्ली में जनता के पैसे से शीश महल बनाया गया था, उसी तर्ज पर झारखंड में भी मुख्यमंत्री के लिए भव्य आवास बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आधिकारिक तौर पर मुख्य भवन के निर्माण पर लगभग 47 करोड़ रुपये खर्च बताए जा रहे हैं, जबकि अन्य मदों को जोड़ने पर यह राशि करीब 70 करोड़ रुपये तक पहुंचती है। भवन निर्माण विभाग में सामान्य तौर पर 25 से 30 प्रतिशत तक लागत बढ़ने की संभावना रहती है, ऐसे में परियोजना की कुल लागत 100 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है।
राशि खर्च करने पर उठाए सवाल
भाजपा प्रवक्ता ने यह भी सवाल उठाया कि जब सरकार पहले ही भविष्य में स्मार्ट सिटी क्षेत्र में नया राजभवन और मुख्यमंत्री आवास बनाने की घोषणा कर चुकी है, तो फिलहाल इतनी बड़ी राशि खर्च करने की जरूरत क्यों है। भाजपा इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी और पूछेगी कि क्या गरीब राज्य की जनता के टैक्स का पैसा मुख्यमंत्री के शाही ठाठ-बाट पर खर्च होना चाहिए या राज्य के विकास और लोगों की बुनियादी जरूरतों पर।

