दिल्लीः कुछ दिनों पहले भारतीय जनता पार्टी के दिल्ली प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा यमुना नदी के दूषित जल में डुबकियां लगाते दिखे थे। अब खबर आई है कि उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। दरअसल सचदेवा दिल्ली की आम आदमी पार्टी के उस वादे खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा रहे थे, जिसमें कहा गया था कि 2025 तक नदीं की सफाई हो जाएगी। हांलाकि दिल्ली की आप सरकार इसमें विफल दिख रही है।
बीजेपी प्रमुख को खुजली औऱ सांस लेने में हो रही तकलीफ
गुरुवार को बीजेपी प्रमुख को राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उन्हें गंभीर खुजली औऱ सांस लेने में तकलीफ की शिकायत है। पार्टी द्वारा जारी किए गए वक्तव्य में कहा गया कि सचदेवा ने दूषित पानी में डुबकी जनता से माफी मांगने के लिए लगाई थी।
पर्यावरण मंत्री ने डुबकी कारनामे को बताया ड्रामा
दरअसल सचदेवा इस बात की माफी मांगने के लिए यमुना नदी में डुबकी लगाने पहुंचे थे कि दिल्ली सरकार को जो राशि यमुना की सफाई में खर्च करने के लिए आवंटित की गई थी, वो भ्रष्टाचार की बलि चढ़ गई। वरिष्ठ आप नेता औऱ दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बीजेपी के इस कथित डुबकी कारनामे को ड्रामा बताया है। राय ने सारा दोष उत्तर प्रदेश और हरियाणा की सरकार पर मढ़ते हुए कहा कि औद्योगिक अपशिष्ट जल बिना रिसाइकिल किए यमुना नदीं में छोड़ दिया जाता है।
नदी पर जहरीले झाग की जम गई है मोटी परत
बुधवार को सचदेवा ने 2025 तक यमुना नदी को साफ किए जाने के उनके वादे को याद दिलाते हुए आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल को भी यमुना में डुबकी लगाने का चैलेंज दिया था। बता दें कि यमुना का प्रदूषण अब बदतर होता जा रहा है। नदी पर जहरीले झाग की मोटी परत जम गई है। इस झाग में मौजूद हानिकारक रसायनों के कारण श्वसन संबंधी समस्याएं और त्वचा में जलन की समस्या उत्पन्न हो रही है। यमुना नदी के जल में उपस्थित हाई अमोनिया की मात्रा से वॉटर ट्रीटमेंट्स प्लांट भी प्रभावित हो रहे है। गौरतलब है कि 7 नवंबर को छठ पूजा शुरू होगा, जिसमें श्रद्धालु पारंपरिक रूप से नदी के जल में डुबकी लगाते है।
नदी को साफ करने के वादे को याद दिलाया
बीजेपी ने गुरूवार को मुख्यमंत्री आतिशी औऱ पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए यमुना के छठ घाट पर दो कुर्सियों के साथ मंच बनवाया है, ताकि नदी को साफ करने के उनके वादे को याद दिलाया जा सके।

