Home » XLRI Jamshedpur News : ब्लिंकिट का सवाल, आखिर एक्सएलआरआई और आईआईएम में ‘क्यों नहीं हो रही पढ़ाई’

XLRI Jamshedpur News : ब्लिंकिट का सवाल, आखिर एक्सएलआरआई और आईआईएम में ‘क्यों नहीं हो रही पढ़ाई’

आईआईएम कोलकाता से दोगुना मिक्सर एक्सएलआरआई जमशेदपुर ने मंगाया, अहमदाबाद ने बनाया प्रिंटआउट का अनूठा रिकार्ड

by Birendra Ojha
XLRI Jamshedpur News
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

जमशेदपुर : वर्ष 2025 की विदाई हो चुकी है और हर तरफ ईयर-एंडर्स (साल का लेखा-जोखा) की चर्चा जोरों पर है। इसी कड़ी में Online grocery एप ब्लिंकिट ने अपने सालाना आंकड़ों को जारी करने का एक ऐसा तरीका चुना है, जिसने पूरे इंटरनेट को हिला कर रख दिया है। ब्लिंकिट ने देश के विभिन्न शहरों में होर्डिंग लगाकर यह खुलासा किया है कि आखिर साल भर देश के प्रतिष्ठित काॅलेज और यूनिवर्सिटी के छात्र क्या आर्डर करते रहे। इसमें सबसे चौंकाने वाला नाम जमशेदपुर के एक्सएलआरआई का आया है। ब्लिंकिट के एक वायरल होर्डिंग के अनुसार, एक्सएलआरआई के छात्रों ने मिक्सर आर्डर करने के मामले में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम), कोलकाता को पीछे छोड़ दिया है।

एक्सएलआरआई बनाम आईआईएम

इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहे होर्डिंग पर लिखा है- एक्सएलआरआई ने आईआईएम -सी (कोलकाता) की तुलना में दोगुने मिक्सर आर्डर किए। इसके साथ ही, ब्लिंकिट ने बड़े ही मजाकिया अंदाज में कैप्शन दिया है- क्यों नहीं हो रही पढ़ाई?
यहां जिन लोगों को मिक्सर का मतलब किचन में इस्तेमाल होने वाला मिक्सर-ग्राइंडर लग रहा है, उनकी जानकारी के लिए बता दें कि यहां बात पार्टी की हो रही है। युवा बोलचाल में मिक्सर का अर्थ उन कोल्ड ड्रिंक्स, सोडा या टाॅनिक वाटर से है, जिन्हें अक्सर पार्टी के दौरान अन्य पेय पदार्थों के साथ मिलाया जाता है। ब्लिंकिट का यह आंकड़ा परोक्ष रूप से यह इशारा करता है कि 2025 में एक्सएलआरआई के छात्रों ने आईआईएम कोलकाता के छात्रों की तुलना में कहीं अधिक पार्टियां की हैं।

आईआईएम अहमदाबाद : ‘तुम तो छाप रहे हो’

ब्लिंकिट ने सिर्फ एक्सएलआरआई की ही टांग नहीं खींची, बल्कि आईआईएम अहमदाबाद (आइआइएम-ए) के छात्रों को पढाकू साबित करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी। एक अन्य होर्डिंग में बताया गया कि आईआईएम अहमदाबाद में एक साल के भीतर 60 हजार 456 प्रिंटआउट के आर्डर मिले। इस पर ब्लिंकिट ने चुटकी लेते हुए लिखा- तुम तो छाप रहे हो। यह आंकड़ा मैनेजमेंट के छात्रों के बीच उस पुरानी धारणा को पुख्ता करता है कि आईआईएम के छात्र हमेशा केस स्टडीज और प्रोजेक्ट्स के प्रिंटआउट निकालने में ही व्यस्त रहते हैं।

इंटरनेट मीडिया पर छिड़ी मजेदार जंग

जमशेदपुर स्थित एक्सएलआरआई कैंपस के बाहर यह होर्डिंग लगी है। जैसे ही ये होर्डिंग इंटरनेट मीडिया पर आए, पूर्व और वर्तमान छात्रों के बीच एक मजेदार बहस शुरू हो गई। लिंक्डइन पर प्रणव कर्माकर ने इस होर्डिंग की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, एक्सएलआरआई और आईआईएम कोलकाता की प्रतिद्वंद्विता हमेशा से कैंपस की बात थी, लेकिन ब्लिंकिट ने इसे होर्डिंग के माध्यम से सड़क पर ला दिया है। एक्सएलआरआई के लोग मुस्कुरा रहे हैं (और मिक्स कर रहे हैं), जबकि आईआईएम वाले अपनी वापसी की योजना बना रहे हैं।
इंस्टाग्राम पर ‘कैटप्रेपविदपल्लव’ नामक हैंडल से भी इसे साझा किया गया। इंटरनेट यूजर्स की प्रतिक्रियाएं भी बेहद रोचक हैं। एक यूजर ने लिखा, आईआईएम कोलकाता के पूर्व छात्रों आप कहां हैं? आपकी टीम हार रही है। वहीं, एक अन्य यूजर ने अपनी मासूमियत जाहिर करते हुए लिखा, मुझे तो पहले लगा कि ये लोग कैंपस में इतने सारे मिक्सर-ग्राइंडर क्यों खरीद रहे हैं, क्या वहां सामूहिक खाना बन रहा है।

मार्केटिंग का नया और अनूठा तरीका

ब्लिंकिट का यह अभियान मार्केटिंग के लिहाज से उत्तम में सर्वोत्तम का उदाहरण बन गया है। कंपनी ने न केवल अपने डेटा का इस्तेमाल किया, बल्कि उसे देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों की संस्कृति (कल्चर) से जोड़कर एक कहानी गढ़ दी। एसपीजेआईएमआर के एक पूर्व छात्र ने कमेंट करते हुए लिखा, ब्लिंकिट टीम, अपने अगले अभियान के लिए हमारे कालेज का भी ध्यान रखें। लोगों का मानना है कि इस तरह के विज्ञापन न केवल हंसाते हैं, बल्कि ब्रांड को युवाओं के बीच चर्चा का विषय भी बना देते हैं।
फिलहाल, जमशेदपुर के एक्सएलआरआई और आईआईएम के बीच की यह मिक्सर वाली जंग इंटरनेट पर खूब शेयर की जा रही है और हर कोई यही पूछ रहा है- आखिर कैंपस में चल क्या रहा है?

Read Also- Jharkhand IAS Transfer : नये साल पर कई आइएएस अधिकारियों को मिली नई सौगात; छवि रंजन होंगे अभियान निदेशक, कुमार रजत बने रांची के नये एसडीओ

Related Articles