
बोकारो : झारखंड के बोकारो जिले में गुरुवार की सुबह कोयला खदान क्षेत्र में एक हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। बेरमो स्थित कथारा कोलियरी के पांच नंबर स्टॉकयार्ड में जलावन के लिए कोयला इकट्ठा कर रही महिलाओं पर अचानक कोयले का भारी ढेर गिर पड़ा। देखते ही देखते वहां मौजूद लोग कोयले के मलबे में दब गए। हादसे में तीन महिलाओं की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत और बचाव का प्रयास शुरू किया और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
सीसीएल अस्पताल में 3 महिलाओं की मौत, मृतकों की हुई पहचान
हादसे में घायल सभी लोगों को निकालकर सीसीएल अस्पताल पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद तीन महिलाओं को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान कौशल्या देवी, पुष्पा देवी और एक अन्य महिला के रूप में हुई है। बताया गया है कि तीनों महिलाएं बांध बस्ती की रहने वाली थीं।
कथारा कोलियरी हादसा : कोयले का ढेर गिरने से दबे 7 लोग
जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह कथारा कोलियरी के पांच नंबर स्टॉकयार्ड में कुछ महिलाएं जलावन के लिए कोयला जमा कर रही थीं। इसी दौरान अचानक कोयले का एक बड़ा ढेर धंसकर वहां मौजूद लोगों पर गिर गया। घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कोयले के भारी मलबे की चपेट में कुल 7 लोग आ गए। इनमें 6 महिलाएं और एक पुरुष शामिल थे।
कोयले का ढेर गिरते ही घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने हादसे की जानकारी मिलते ही बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों की मदद से मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल सभी घायलों को अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की गई।
इस हादसे में घायल हुए अन्य चार लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। उनकी स्थिति को लेकर फिलहाल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। एक साथ तीन महिलाओं की मौत की खबर से उनके परिवारों में मातम पसरा हुआ है। वहीं, हादसे में घायल लोगों के परिजन भी अस्पताल में जुटे रहे।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस और सीसीएल प्रबंधन की टीम
कथारा कोलियरी में कोयले का ढेर गिरने की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) प्रबंधन की टीम घटनास्थल पर पहुंची। अधिकारियों की मौजूदगी में राहत और बचाव कार्य शुरू कराया गया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों की सहायता से मलबे में दबे सभी लोगों को निकालने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया गया

