नयी दिल्ली : आने वाला समय इलेक्टिक वाहनों (EV) का होने जा रहा है। इस दिशा में सरकार की पहल पर कंपनियां भी आगे आ रही है। वहीं पेट्रोल व डीजट की बढ़ती कीमतों को लेकर लोगों का रूझान भी इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की ओर गया है। अब लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदारी बजट का सौदा लग रहा है।
टाटा मोटर्स ने कहा है कि इस दशक के अंत तक भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों ( (EV)) की सालाना बिक्री का आंकड़ा 10 लाख इकाई को पार कर सकता है। कंपनी को इस दौरान अपनी कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहन की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत पर पहुंचने की उम्मीद है।
एक लाख इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री का आंकड़ा किया पार
देश की प्रमुख वाहन कंपनी वर्तमान में तिमाही आधार पर अपनी कुल बिक्री का 14-15 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों से प्राप्त करती है। कंपनी ने एक लाख इलेक्ट्रिक वाहनों की कुल बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है।
READ ALSO : Creta को कड़ी टक्कर देने आ रही Tata Blackbird! जानें इसके एडवांस फीचर्स
क्या कहते है इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के प्रबंध निदेशक
टाटा मोटर्स पैसेंजर वेहिकल्स के प्रबंध निदेशक शैलेश चंद्रा ने संवाददाताओं से कहा कि पांच साल पहले इलेक्ट्रिक वाहन (EV)प्रति माह महज 90 इकाई बिकते थे। आज ये प्रति माह 8,500 से 9,500 इकाई पर पहुंच चुके हैं, जो लगभग 100 गुना है।
पांच साल पहले उद्योग ने लगभग 2,000 कारें बेची थीं और हम इस वर्ष पहले से ही एक लाख से अधिक इकाइयों की वार्षिक दर के बारे में बात कर रहे हैं, जो 50 गुना वृद्धि है। चंद्रा ने कहा कि “अगले पांच साल में यह कम से कम-से-कम 10 गुना होकर 10 लाख इकाई के करीब क्यों नहीं होना चाहिए, यही मैं कहूंगा”। यह भारतीय उपभोक्ताओं और देश के लिए एक रोमांचक समय होगा, क्योंकि इस दृष्टिकोण को साकार किया जा सकता है, जिसे सरकार द्वारा निर्धारित किया गया था।

