चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में सरकारी सिस्टम की एक और विडंबना सामने आई है। कुमारडुंगी प्रखंड के हल्दीपोखर गांव के करीब 40 बच्चे आधार कार्ड बनवाने के लिए 50 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय चाईबासा पहुंचे, लेकिन उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। बच्चों ने बताया कि आधार कार्ड नहीं होने के कारण उन्हें छात्रवृत्ति नहीं मिल पा रही है।
आधार कार्ड बनाने के लिए कल आने का दिया आश्वासन
बच्चों को समाहरणालय में बताया गया कि आज का कोटा फुल हो गया है और आधार कार्ड बनाने के लिए कल आना होगा। एक दिन में केवल 30-40 लोगों का ही आधार कार्ड बनाया जा सकता है। इससे बच्चों और उनके अभिभावकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रशासन पर सवाल
इस मामले पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के पूर्व नेता सुनील सिरका ने कहा कि यह बड़े दुर्भाग्य की बात है कि जिला प्रशासन और सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है। आधार कार्ड नहीं होने के कारण विद्यार्थी परेशान हैं। ऐसी हालत केवल कुमारडुंगी ही नहीं, बल्कि जिले के अन्य प्रखंडों के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में भी है।
स्कूलों में आधार कार्ड बनाने का अभियान
यहां एक बड़ा सवाल यह है कि पिछले कई सालों से जिले के स्कूलों में बच्चों का आधार कार्ड बनाने और बैंक खाता से अटैच करने के लिए अभियान चल रहा है। ऐसे में इतने सारे बच्चे बिना आधार कार्ड के कैसे बच गए? इस मामले में प्रशासन को जांच करनी चाहिए और बच्चों को आधार कार्ड बनाने में आ रही परेशानियों का समाधान करना चाहिए।

