Chaibasa (Jharkhand) : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले के चक्रधरपुर स्थित नागेन्द्र नगर में रविवार को सिलेंडर गैस बदलने के दौरान गंभीर हादसा हो गया। सिलेंडर में आग लगने से एक ही परिवार के तीन लोग झुलस गए। तीनों का चक्रधरपुर रेलवे अस्पताल में ईलाज कराया गया। इनमें से गंभीर रूप से जख्मी एक व्यक्ति को जमशेदपुर के टीएमएच (TMH) रेफर कर दिया गया है।
यह घटना दोपहर करीब 12:30 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार नागेन्द्र नगर निवासी पूर्व रेलकर्मी मोतीलाल मुखी अपने घर के किचन में गैस सिलेंडर बदल रहे थे। उस दौरान वहां उनकी पत्नी सुनन्दा मुखी और अनु मुखी भी मौजूद थी। सिलेंडर बदलने के बाद जैसे ही गैस चूल्हा जलाने के लिए मोतीलाल मुखी ने माचिस जलाया, पूरे किचन में आग की लपटें फैल गई। कुछ ही प्लीज मे किचन में मौजूद माता पिता और बेटी आग में झुलस गए।
गृहणी ने दिखाई हिम्मत, आग नियंत्रित
इस दौरान मोतीलाल मुखी की पत्नी सुनंदा मुखी ने हिम्मत दिखाते हुए सिलेंडर की लीकेज वाली जगह पर अपना हाथ रख दिया। उसके कुछ देर बाद गैस लीकेज बंद हुआ और आग की लपटें भी थम गईं। हालांकि, इस दौरान किचन में मौजूद तीनों झुलस चुके थे। घर पर मौजूद परिवार के अन्य सदस्यों ने आनन-फानन में तीनों को रेलवे अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। तीनों में से मोतीलाल मुखी की हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए टीएमएच (Tata Main Hospital) रेफर कर दिया है।
इंडेन गैस के प्रबंधक पहुंचे, सिलेंडर व स्टोव की जांच की
घटना की सूचना पाकर शिखर इंडेन गैस के प्रबंधक रमेश कुमार तुरंत पीड़ितों के घर पहुंचे। वहां उन्होंने किचन में गैस सिलेंडर और गैस स्टोव की जांच की. उन्होंने कहा कि प्राथमिक जांच में सिलेंडर और स्टोव में किसी तरह की कोई समस्या नहीं मिली है. हालांकि, आग कैसे लगी इसकी सटीक जानकारी नहीं हो सकी है, रमेश ने बताया कि जिनके साथ यह घटना हुई है, वे ही बेहतर जानकारी दे सकते हैं। रमेश ने गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं से अपील की है कि अगर गैस सिलेंडर, रेग्युलेटर, गैस पाइप या स्टोव को लेकर कोई आशंका हो, तो तुरंत अपने गैस आपूर्तिकर्ता से संपर्क कर उसे ठीक कराएं। उन्होंने सिलेंडर डिलीवरी लेने से पहले सिलेंडर और स्टोव की जांच करा लें। मोतीलाल के पुत्र लिमेश्वर मुखी ने कहा कि ईश्वर की कृपा से उनके घर में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया।

