
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले से लापता हुई एक नाबालिग लड़की को पुलिस ने दिल्ली से सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने मानव तस्करी के आरोप में एक महिला को भी गिरफ्तार किया है।
कैसे हुई बरामदगी
घटना का संबंध में एएसपी डॉ. सैय्यद मुस्तफा हासमी ने गुरुवार प्रेस वार्ता का आयोजन कर पत्रकारों को बताया कि 10 जुलाई को पीड़िता की मां ने थाना में शिकायत दी थी। इसके आधार पर थाना कांड संख्या 2/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई। बाल श्रम निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
एएसपी डॉ. सैय्यद मुस्तफा हासमी के निर्देश पर विशेष टीम बनाई गई। टीम 29 जुलाई को दिल्ली रवाना हुई। लगातार छानबीन के बाद 3 अगस्त को टीम ने दिल्ली से नाबालिग को ढूंढ निकाला और उसे वापस चाईबासा लाया गया।
बरामदगी के बाद पीड़िता का सदर अस्पताल में मेडिकल कराया गया। इसके बाद उसे आगे की देखरेख के लिए चाईबासा बाल कल्याण समिति CWC को सौंप दिया गया। मामले में आगे की जांच जारी है।
पुराने मामले में भी हुई गिरफ्तारी
इसी दौरान पुलिस ने 19 मई 2023 में वांछित दिल्ली की रहने वाली आरोपी रेणु तुरा, पति लखबीर सिंह, निवासी C-5/276-277, सेक्टर-06, रोहिणी, दिल्ली-85 को भी दिल्ली से गिरफ्तार किया। कोर्ट से उसके खिलाफ कुर्की का आदेश भी था। उसे 3 अगस्त को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
लंबा है आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रेणु तुरा पर पहले से कई केस दर्ज हैं। देहरादून के डालनवाला थाना और दिल्ली के शालीमार बाग थाना में कांड 230/2022 धारा 174A/370/376/506, जेजे एक्ट की धारा 79 और पोक्सो एक्ट की धारा 6 में मामले चल रहे हैं।
छापामारी टीम में शामिल
इस कार्रवाई में पु.अ.नि. पुनीत उरांव, सुमन टुडू, दुबराज हेम्ब्रम, हरिश्चंद्र प्रसाद, महिला आरक्षी जसिन्ता मिंज, महान्ती कुंवर और आरक्षी चिन्ता बोदरा शामिल थे।

