चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला के चक्रधरपुर में शुक्रवार को समाज में अंधविश्वास और आंतरिक कुरीतियों को मिटाने के प्रयास को लेकर सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके तहत आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा, नेशनल आदिवासी रिवाइवल एसोसिएशन और सिंगी एण्ड सिंगी सोसायटी के प्रतिनिधियों ने चन्द्री पंचायत के बाईडीह ग्राम में नुक्कड़ सभा की।

इस सभा में डायन-प्रथा, सामाजिक बुराई, कुरीति और अफवाहों आदि से हो रही आपराधिक घटनाओं के बारे में ग्रामीणों को अवगत कराया गया। इससे होने वाले नुकसान से लोगों को सचेत करने का प्रयास किया गया। वहीं हिंसक घटनाओं की रोकथाम तथा कानूनन जागरूकता की दिशा में नेशनल आदिवासी रिवाइवल एसोसिएशन तथा सिंगी एण्ड सिंगी सोसायटी की ओर से जन जागरूकता के लिए विभिन्न हैंडबिल बांटे गए। ऐसी गंभीर उलझनों से समाज को बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है।
आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा के राष्ट्रीय महासचिव गब्बरसिंह हेम्ब्रम ने कहा कि प्रायः सभी आदिवासी गांव के लोग डायन-प्रथा, सामाजिक बुराई और आंतरिक कुरीतियों के दलदल में फंसे हुए हैं। इससे आपसी ईर्ष्या और द्वेष की भावना के साथ-साथ परिवारिक टकराव बढ़ रहा है। वाद-विवाद और मारपीट जैसी घटनाओं से आदिवासी समाज पीड़ित हैं। लोग कोर्ट-कचहरी के चक्कर से परेशान हैं । गब्बर सिंह ने लोगों के सामने इससे बाहर निकलने के कई सुझाव रखे।
सभा में यह लोग रहे मौजूद
नुक्कड़ सभा में आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा के सदर अनुमंडल सचिव अशीष कुमार तिरिया, सदस्य कमलेश बिरुवा, शंकर बोदरा, सरस्वती पुरती, नंदनी बोदरा, सरिता बोदरा, तुलसी बोदरा, फूलमनी सोय, बिरसा बोदरा, जगदीश पुरती, सन्नी बोदरा, सुनिता बोदरा, आसमान पुरती, हुरता सोय, बागुन बोदरा, टोन्टो पुरती आदि लोग मौजूद थे ।

