जमशेदपुर : बिष्टुपुर स्थित मशहूर सूफी संत हज़रत अब्दुर्रहीम उर्फ चूना शाह बाबा रहमतुल्लाह अलैह का 56वां सालाना उर्स शरीफ 17 अप्रैल 2025, गुरुवार से शुरू हो रहा है। इस मुबारक मौके पर दरगाह शरीफ में कई धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। गद्दीनशीन ताज अहमद साहब की रहनुमाई में होने वाले इस उर्स में कुरआन ख्वानी, नातख्वानी, चादरपोशी, तकरीर, कव्वाली और लंगर जैसी रूहानी महफिलें सजेंगी।
दरगाह कमेटी के जनरल सेक्रेटरी हाजी एसएम कुतुबुद्दीन ने जानकारी दी कि हर साल की तरह इस बार भी उर्स शरीफ की शुरुआत हिजरी सन् के सव्वाल महीने की 18 तारीख को की जाएगी।
17 अप्रैल को सुबह 8 बजे कुरआन ख्वानी से उर्स की शुरुआत होगी। 18 अप्रैल को एशा की नमाज के बाद उलमा-ए-कराम और नातख्वानों की महफिल सजेगी। इस मौके पर कोलकाता से तशरीफ ला रहे मशहूर आलिमे-दीन मौलाना जहीर वारसी मिस्बाही साहब मुख्य वक्ता के तौर पर तकरीर पेश करेंगे। 19 अप्रैल को सुबह 10 बजे से चादर व संदल गस्त, फिर 1:20 बजे चादरपोशी और 2 बजे से लंगर का वितरण होगा। रात 9 बजे महफिल-ए-शमा (कव्वाली) का आयोजन किया जाएगा।
20 अप्रैल को भी दरगाह परिसर में लंगर और रूहानी कव्वाली की महफिल सजाई जाएगी। 21 अप्रैल की रात 9 बजे से उर्स की अंतिम रात में भव्य महफिल-ए-शाम का आयोजन होगा, जिसमें गुजरात से साहिल अली साबरी कव्वाल पार्टी और बिहार के नवादा से जानी वारसी कव्वाल पार्टी अपनी शानदार प्रस्तुतियों से महफिल को रौशन करेंगे। दरगाह कमेटी ने सभी अकीदतमंदों से इस पवित्र उर्स में शामिल होकर रूहानी फैयाज हासिल करने की अपील की है। साथ ही आग्रह किया गया है कि गैर-इस्लामी गतिविधियों से परहेज़ करें और उर्स की धार्मिक मर्यादाओं का पालन करें।
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