रांची : संथाल परगना के लोगों को जल्द हवाई संपर्क की बड़ी सौगात मिल सकती है। दुमका हवाई अड्डे से क्षेत्रीय संपर्क योजना (उड़ान) के तहत नियमित विमान सेवा शुरू करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। एयरपोर्ट पर विमानन मौसम विज्ञान सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के साथ एकरारनामा (एमओयू) करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके बाद एयरपोर्ट के लिए आवश्यक तकनीकी और नियामकीय प्रक्रियाओं को गति मिलने की उम्मीद है। झारखंड का नागर विमानन विभाग भारत सरकार के भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के साथ जल्द समझौता करने की तैयारी में जुटा है।
उड़ान योजना से 28 करोड़ की लागत से एयरपोर्ट का विकास पहले ही हो गया
राज्य सरकार की योजना दुमका से रांची, पटना और कोलकाता के लिए नियमित विमान सेवा शुरू करने की है। उड़ान योजना के तहत करीब 28.14 करोड़ रुपये की लागत से एयरपोर्ट का उन्नयन पहले ही किया जा चुका है। टर्मिनल भवन, नियंत्रण टावर, अग्निशमन केंद्र, परिधि सड़क, आइसोलेशन बे और रनवे समेत आवश्यक आधारभूत संरचना विकसित की गई है।
वर्तमान में राज्य सरकार दुमका एयरपोर्ट के लिए नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से एयरोड्रोम लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। वाणिज्यिक उड़ानों के संचालन के लिए हवाई यातायात प्रबंधन और मौसम संबंधी सेवाएं अनिवार्य हैं। चूंकि राज्य सरकार के पास इस कार्य के लिए आवश्यक तकनीकी संसाधन और विशेषज्ञ मानवबल उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए आईएमडी की सेवाएं लेने का निर्णय लिया गया है। मौसम विज्ञान सेवाएं शुरू होने से एयरपोर्ट को लाइसेंस दिलाने की प्रक्रिया को भी मजबूती मिलेगी।
प्रस्तावित समझौते के तहत भारतीय मौसम विज्ञान विभाग विमानन मौसम विज्ञान उपकरणों की खरीद, स्थापना, संचालन और रखरखाव करेगा तथा
विमान संचालन के लिए आवश्यक मौसम संबंधी सूचनाएं उपलब्ध कराएगा। वहीं राज्य सरकार कार्यालय भवन, बिजली, जलापूर्ति, वातानुकूलन, संचार सुविधाएं, सिग्नल केबल और अन्य आवश्यक अवसंरचना निःशुल्क उपलब्ध कराएगी। विभाग के उपकरणों और कर्मियों की सुरक्षा, रखरखाव, वाहन, सहायक कर्मचारी तथा आवास की व्यवस्था की जिम्मेदारी भी राज्य सरकार की होगी।
एमओयू के बढ़ एयरोड्रोम लाइसेंस प्राप्त करने का होगा रास्ता साफ
दुमका एयरपोर्ट पर मौसम विज्ञान सेवाएं स्थापित होने से डीजीसीए से एयरोड्रोम लाइसेंस प्राप्त करने का रास्ता आसान होगा और नियमित विमान सेवा शुरू करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी। उड़ानें शुरू होने के बाद संथाल परगना क्षेत्र को रांची, पटना और कोलकाता से सीधा हवाई संपर्क मिलेगा। इससे क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। साथ ही यात्रियों को सुरक्षित और सुगम हवाई यात्रा के लिए सटीक एवं समयबद्ध मौसम संबंधी जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।

