रांची: झारखंड में आधुनिक अस्पतालों के निर्माण की तैयारी तेज कर दी गई है। स्वास्थ्य अवसंरचना में सुधार की जिम्मेदारी एचएलएल को दी गई है। स्वास्थ्य अवसंरचना को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने की दिशा में गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग में बैठक आयोजित की गई।
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में एचएलएल हेल्थकेयर लिमिटेड ने राज्य में अस्पताल निर्माण, स्वास्थ्य अवसंरचना विकास, परियोजना निगरानी, चिकित्सा उपकरणों की खरीद, अस्पताल संचालन और प्रशिक्षण एवं सिमुलेशन केंद्रों की स्थापना को लेकर प्रस्तुति दी। अजय सिंह ने आधुनिक अस्पतालों के लिए एचएलएल को सात दिन में प्रस्ताव देने का निर्देश दिया है।
झारखंड में तकनीकी विशेषज्ञता उपलब्ध कराने की जताई इच्छा
बैठक में एचएलएल के प्रतिनिधियों ने बताया कि कंपनी देशभर में स्वास्थ्य अवसंरचना विकास, निर्माण कंसल्टेंसी, पीपीपी मॉडल पर अस्पताल संचालन और कई एम्स संस्थानों के निर्माण एवं विकास कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुकी है। कंपनी ने झारखंड में भी अपनी तकनीकी विशेषज्ञता उपलब्ध कराने की इच्छा जताई है।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग कंसल्टेंट (पीएमसी) व्यवस्था को मजबूत करने और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सह ट्रॉमा सेंटरों को पूर्ण विकसित स्वास्थ्य संस्थानों के रूप में स्थापित करने की आवश्यकता है। उन्होंने एचएलएल को सीएचसी सह ट्रॉमा सेंटरों के समग्र विकास और आधुनिक अस्पतालों के निर्माण के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि कई अस्पताल अपनी पूर्ण क्षमता से संचालित नहीं हो पा रहे हैं, जिन्हें पीपीपी मॉडल के माध्यम से बेहतर ढंग से संचालित करने की संभावनाओं का अध्ययन किया जाना चाहिए।
बैठक में विशेष सचिव डॉ नेहा अरोड़ा, अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह, एनएचएम के प्रबंध निदेशक शशि प्रकाश झा, संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला, निदेशक प्रमुख डॉ सिद्धार्थ सान्याल और एचएलएल के प्रतिनिधि मौजूद थे।

