चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर में एक खानाबदोश दंपत्ति की मौत हो गई। यह दंपत्ति ठंड में प्लास्टिक ओढ़कर सोता था। अनुमान लगाया जा रहा है कि ठंड के चलते दोनों की बारी-बारी से मौत हुई। पहले बीमार पड़ने के बाद पत्नी ने अस्पताल में दम तोड़ा। उसके दूसरे ही दिन पति की भी मौत प्लास्टिक के नीचे ठंड भरी रात में सोते हुए हो गयी है।
वार्ड पार्षद ने कराया अंतिम संस्कार
दोनों का अंतिम संस्कार स्थानीय वार्ड पार्षद सोमनाथ रजक के द्वारा कराया गया है। पार्षद रजक ने बताया कि दोनों खानाबदोश की जिंदगी जी रहे थे और चक्रधरपुर इलाके में भिक्षाटन कर गुजारा कर रहे थे। चक्रधरपुर के पांच मोड में प्लास्टिक टांग कर रहते थे। रात में बढ़ती ठंड में भी इन्हें राहत नहीं मिली। दोनों की पहचान फिलहाल नहीं हो पाई है।
पार्षद ने ही पत्नी को कराया था भर्ती
वार्ड पार्षद सोमनाथ रजक ने बताया कि बीते दिनों सूचना मिली की खानाबदोश दंपति में से पत्नी की हालत गंभीर है। ठंड की वजह से उसकी तबीयत बिगड़ी हुई है। उन्होंने मानवता दिखाते हुए महिला को चक्रधरपुर के अनुमंडल अस्पताल में भर्ती करवाया था। इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई थी। महिला का अंतिम संस्कार करवाया था। दूसरे ही दिन यह खबर पता चली कि उसके पति की भी मौत हो गई है। सोमनाथ रजक ने पति का भी अंतिम संस्कार का बीड़ा उठाया। आरपीएफ व जीआरपी की मौजूदगी में एक के बाद दूसरे का अंतिम संस्कार करा दिया है। मौके पर कांग्रेस नेता शेखावत हुसैन, रकीब खान, सन्नी खान, सानपति और सान बाबु मौजूद थे।
अलाव जलाने की मांग
सोमनाथ रजक का कहना है की बढती ठंड में गरीबों को राहत कैसे मिले इस पर सरकार को विशेष रूप से अब ध्यान देने की जरूरत है। क्योंकि अब तेजी से मौसम का पारा लुढ़क रहा है। चक्रधरपुर में हाड़ कंपा देने वाली सर्दी में गरीब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। अलाव की भी व्यवस्था प्रशासन के द्वारा कहीं भी नहीं की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर विशेष रूप से ध्यान देने की मांग की है।

