रांची : झारखंड सचिवालय सेवा संघ ने जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय, देवघर में कार्यरत कर्मचारियों के कई महीनों से लंबित वेतन को लेकर सरकार से त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है। संघ का कहना है कि नवंबर 2025 से कर्मचारियों का वेतन अवरुद्ध है, जिससे उनके सामने गंभीर आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है।
इस संबंध में सचिवालय सेवा संघ ने जल संसाधन विभाग के सचिव को ज्ञापन सौंपा है। संघ के अनुसार, एक केस से जुड़े मामले में 7 मार्च 2024 को जारी वारंट में वेतन और स्थापना मद को फ्रीज कार्रवाई से अलग रखने का स्पष्ट निर्देश था। इसके बावजूद संबंधित डीडीओ कोड पूरी तरह फ्रीज कर दिया गया, जिसके कारण वेतन भुगतान रुक गया। बताया गया कि संबंधित मामला मूल रूप से सिंचाई प्रमंडल, सिकटिया से जुड़ा है, जबकि मुख्य अभियंता कार्यालय के वर्तमान कर्मचारियों का उससे प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। इसके बावजूद सभी कर्मियों का वेतन प्रभावित हुआ है।
इसका असर सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर भी पड़ा है, जिनके पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ लंबित हैं। संघ ने यह भी कहा कि हाल में नियुक्त सहायक प्रशाखा पदाधिकारी पिछले तीन महीने से अपने पहले वेतन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। संघ ने मांग की है कि वेतन मद को तत्काल फ्रीज से मुक्त कर लंबित वेतन और सेवानिवृत्ति लाभों का भुगतान शीघ्र शुरू कराया जाए।
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