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Child Marriage Free Jharkhand : बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान के तहत चाईबासा में अनुमंडल स्तरीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला आयोजित

Child Marriage Free Jharkhand : कार्यशाला को संबोधित करते हुए मंत्री दीपक बिरुवा ने कहा कि बाल विवाह और डायन प्रथा समाज की गंभीर कुरीतियां और जघन्य अपराध हैं, जो महिलाओं और बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और विकास में बड़ी बाधा बनती हैं।

by Rajeshwar Pandey
Officials and participants attending Child Marriage Free Jharkhand campaign training and workshop in Chaibasa
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चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा स्थित कोल्हान विश्वविद्यालय के सभागार में समाज कल्याण निदेशालय, झारखंड के तत्वावधान में बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान के तहत अनुमंडल स्तरीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सुरक्षित एवं सशक्त महिला–सशक्त झारखंड के संकल्प को जमीनी स्तर पर मजबूती देना रहा।

कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि राजस्व एवं भूमि सुधार तथा परिवहन विभाग के मंत्री दीपक बिरुवा ने दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला उपायुक्त चंदन कुमार, उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, सिविल सर्जन डॉ. भारती गोरती मिंज, अपर उपायुक्त प्रवीण केरकेट्टा, सदर अनुमंडल पदाधिकारी संदीप अनुराग, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्वेता भारती सहित जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, पुलिस अधिकारी, मानकी-मुंडा, जनप्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत पौधा, अंग वस्त्र एवं मोमेंटो देकर किया गया।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए मंत्री दीपक बिरुवा ने कहा कि बाल विवाह और डायन प्रथा समाज की गंभीर कुरीतियां और जघन्य अपराध हैं, जो महिलाओं और बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और विकास में बड़ी बाधा बनती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 18 वर्ष से कम आयु की लड़की और 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह कानूनन अपराध है। मंत्री ने उपस्थित सभी लोगों को राज्य, जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर पर बाल विवाह व डायन प्रथा के विरुद्ध जागरूकता फैलाने की शपथ दिलाई।

जिला उपायुक्त चंदन कुमार ने कहा कि राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण को लेकर मंईया सम्मान योजना, सावित्रीबाई फूले किशोरी समृद्धि योजना और मुख्यमंत्री कन्यादान योजना जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने महिला हेल्पलाइन 181 और इमरजेंसी सेवा 112की जानकारी देते हुए जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता लेने की अपील की।

उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने खेल जगत में हालिया उपलब्धियां हासिल करने वाली महिला टीमों का उदाहरण देते हुए कहा कि अनुकूल और सुरक्षित सामाजिक वातावरण मिले तो हमारी बेटियां और बहनें भी हर क्षेत्र में ऊंचाइयों तक पहुंच सकती हैं।

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