सेंट्रल डेस्क। Women in Indian Coast Guard: भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को महिला कोस्ट गार्ड अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने में देरी को लेकर फटकार लगाई है। कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया है कि वह तीन महीने के अंदर इस मामले में उचित कदम उठाए, अन्यथा अदालत स्वयं हस्तक्षेप करेगी।

Women in Indian Coast Guard: सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
तटरक्षक बल (ICG) में महिला अधिकारियों के लिए स्थायी कमीशन (Permanent Commission) की मांग को लेकर एक महत्वपूर्ण याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है। याचिकाकर्ता, जो एक महिला अधिकारी हैं, ने मांग की है कि शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) के तहत बल में शामिल होने वाली योग्य महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन दिया जाए।
Women in Indian Coast Guard: सुनवाई के दौरान केंद्र को फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने तटरक्षक बल (ICG) में महिलाओं को स्थायी कमीशन (Permanent Commission) देने के मामले में केंद्र सरकार को फटकार लगाई है। सुनवाई के दौरान, मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि महिलाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने केंद्र के वकील से कहा, “ये सभी कार्यक्षमता आदि तर्क 2024 में मायने नहीं रखते। महिलाओं को छोड़ा नहीं जा सकता। यदि आप ऐसा नहीं करते हैं तो हम करेंगे। इसलिए उस पर एक नजर डालें।”
Women in Indian Coast Guard: नौसेना और सेना में स्थायी कमीशन, तटरक्षक बल में नहीं
याचिकाकर्ता ने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं को नौसेना और सेना में स्थायी कमीशन दे रही है, लेकिन तटरक्षक बल में ऐसा नहीं है। यह भेदभावपूर्ण और अनुचित है। उन्होंने कहा कि महिला अधिकारी पुरुष अधिकारियों के समान कर्तव्यों का पालन करती हैं और उन्हें समान अवसर दिए जाने चाहिए।
Women in Indian Coast Guard: कोर्ट ने क्या आदेश दिया?
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया है कि वह तीन महीने के अंदर महिला कोस्ट गार्ड अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने के लिए उपयुक्त कदम उठाए। कोर्ट ने सरकार को यह भी निर्देश दिया है कि वह इस मामले में अब तक हुए सभी फैसलों को लागू करे और महिला अधिकारियों को उनके वरिष्ठता क्रम के अनुसार पदोन्नति दे।
इसके अलावा, कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर सरकार तीन महीने के अंदर इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाती है, तो अदालत स्वयं हस्तक्षेप करेगी और महिला कोस्ट गार्ड अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने का आदेश जारी कर सकती है।
Women in Indian Coast Guard: प्रतिक्रियाएं
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का महिला कोस्ट गार्ड अधिकारियों और उनके समर्थकों ने स्वागत किया है। वहीं, सरकार की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला महिलाओं के लिए सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह फैसला न केवल महिला कोस्ट गार्ड अधिकारियों को बल्कि अन्य सशस्त्र बलों में महिलाओं के लिए भी समान अवसरों का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
हालांकि, यह देखना बाकी है कि केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करती है या नहीं। अगर सरकार इस मामले में देरी करती है, तो यह न केवल महिला कोस्ट गार्ड अधिकारियों के साथ अन्याय होगा बल्कि न्यायपालिका के आदेशों की अवहेलना भी होगी।
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