Home » Chaibasa News : पेसा कानून को लेकर कुमारडुंगी में ग्रामीण मुंडाओं के साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव भूपेन्द्र मरावी ने की बैठक

Chaibasa News : पेसा कानून को लेकर कुमारडुंगी में ग्रामीण मुंडाओं के साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव भूपेन्द्र मरावी ने की बैठक

मझगाँव, कुमारडुंगी और मंझारी प्रखंड के ग्रामीण मुंडाओं के साथ पेसा कानून के प्रावधानों एवं ग्रामसभा के अधिकारों पर हुई चर्चा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सह विधायक सोनाराम सिंकु रहे मौजूद

by Rajeshwar Pandey
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगाँव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत मझगाँव, कुमारडुंगी एवं मंझारी प्रखंड के ग्रामीण मुंडाओं के साथ सोमवार को कुमारडुंगी स्थित डाक बंगला में पेसा कानून को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक राजीव गाँधी पंचायती राज संगठन जिला चेयरमैन सह मझगाँव विधानसभा पेसा पर्यवेक्षक रितेश कुमार तामसोय के अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सह झारखण्ड कांग्रेस के सह-प्रभारी भूपेन्द्र मरावी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

इस अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष जगन्नाथपुर विधायक सह सत्तारूढ़ दल के उप मुख्य सचेतक सोनाराम सिंकु भी विशेष रूप से मौजूद थे।बैठक के दौरान अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम अर्थात पेसा कानून के प्रावधानों, पारंपरिक ग्रामसभा व्यवस्था, ग्रामीण मुंडाओं की भूमिका तथा आदिवासी समाज के परंपरागत अधिकारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

बैठक को संबोधित करते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सह झारखण्ड कांग्रेस के सह-प्रभारी भूपेन्द्र मरावी ने पेसा कानून के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में ग्रामसभा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। जल, जंगल, जमीन, परंपरागत सामाजिक व्यवस्था एवं सामुदायिक संसाधनों से जुड़े अधिकारों के संरक्षण में ग्रामसभा की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पेसा कानून के प्रावधानों की जानकारी ग्रामीण स्तर तक पहुँचना जरूरी है, ताकि स्थानीय समुदाय अपने वैधानिक अधिकारों एवं जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक हो सके।

वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष सह विधायक सोनाराम सिंकु ने कहा कि कोल्हान की पारंपरिक मानकी-मुंडा व्यवस्था का अपना ऐतिहासिक एवं सामाजिक महत्व रहा है। ग्रामीण मुंडा गाँवों की पारंपरिक व्यवस्था एवं सामाजिक समन्वय की महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने पेसा कानून के प्रावधानों तथा पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के बीच समन्वय और ग्रामीण स्तर पर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

बैठक में तीनों प्रखंडों से आए ग्रामीण मुंडाओं के साथ स्थानीय स्वशासन, ग्रामसभा की भूमिका तथा पेसा कानून से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।

इस अवसर पर मानकी-मुंडा संघ के अध्यक्ष गणेश पाट पिंगुवा, कांग्रेस प्रदेश महासचिव संगठन सुनीत शर्मा, जिला प्रभारी धर्मेन्द्र सोनकर, प्रदेश सचिव मायाधर बेहरा, आदिवासी कांग्रेस राष्ट्रीय समन्वयक दीनबंधु बोयपाई, आरजीपीआरएस राज्य संयोजक सुभाष नाग, पूर्व जिलाध्यक्ष सन्नी सिंकु, प्रखंड अध्यक्ष सुखलाल हेमब्रम , वरीय कांग्रेसी कैरा बिरुवा , शैली शैलेन्द्र सिंकु , बीरबल बागे , युवा कांग्रेस विस अध्यक्ष त्रिलोक हेमब्रम , प्रखंड अध्यक्ष दुलन तामसोय , परमेश्वर तामसोय , गंगाराम हेमब्रम, उपस्थित थे।

Read Also Chaibasa News: अनुमण्डल पदाधिकारी कार्यालय के समक्ष प्रस्तावित मौन धरना प्रदर्शन की अनुमति नही दिया जाना लोकतांत्रिक अधिकारों पर प्रहार : रमेश बालमुचु

Related Articles

Leave a Comment