सेंट्रल डेस्क: Haryana Assembly Election 2024- हरियाणा में वोटों की गिनती शुरु होते ही कांग्रेस बढ़त बनाने में कामयाब रही। लेकिन जैसे-जैसे वोटों की गिनती बढ़ती गई बीजेपी ने छक्का मार लिया। सारी तैयारियों के बाद भी ऐसी क्या वजहें है, जिसने कांग्रेस को हरियाणा में शिकस्त दे दी।
मुख्य 4 वजहें हो सकती है- राजनीतिक विशेषज्ञ
राजनीतिक विशेषज्ञ कहते है कि कांग्रेस बीते 10 सालों की सत्ता विरोधी लहर के भरोसे बैठी हुई थी। कांग्रेस का अतिउत्साह भी एक कारण हो सकता है। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने पांच सीटें अपने नाम की थी। इसी ओवरकॉन्फिडेंस में कांग्रेस ने अपनी नय्या डूबा ली। दूसरे कारण की बात करें तो कांग्रेस की हार की बड़ी वजह गुटबाजी भी हो सकती है। कुमारी शैलजा ने खुलकर पार्टी का विरोध किया और उनके गुट में कई नेता अलग-थलग से दिखे। बार-बार दल बदलने वाले अशोक तंवर भी कांग्रेस का डैमेज कंट्रोल नहीं कर पाए।
कांग्रेस की हार का तीसरा और प्रमुख कारण कई नेताओं का अपनी ही सीटों तक सिमटे रहना भी है। चुनाव के बीच में दूसरे दलों से आए नेताओं को ज्वाइन कराने का मामला भी कुछ सीटों पर कांग्रेस के विपक्ष में चला गया। जिससे पार्टी को काफी नुकसान हुआ।
कांग्रेस हरियाणा में पुराने दांव के भरोसे रह गई। लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस मैदान में संविधान और आरक्षण का मुददा लेकर आई थी और इसी दांव को कांग्रेस ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में भी आजमाया। कांग्रेस के लिए पहलवानों और किसानों का मुद्दा भी किसी काम का नहीं रहा। अगर इस चुनाव में कांग्रेस जीतती तो तीन राज्यों में पावर में आती।

