नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के राजौरी में बुधवार को आतंकियों के साथ मुठभेड़ में सेना के दो अफसर और दो जवान शहीद हो गए। आर्मी की 16 कॉर्प्स मिलिट्री यूनिट के सूत्रों ने यह जानकारी दी है। सूत्रों के मुताबिक, जान गंवाने वाले एक अफसर मेजर रैंक के थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि जंगल में दो से तीन आतंकी मौजूद हैं, जो किसी स्थानीय निवासी के घर आए और वहां उन्होंने खाना खाया। बीते 4 दिनों से सेना और पुलिस इलाके में छानबीन में जुटी हुई थी।

इसके बाद मंगलवार को घेराबंदी करते हुए सेना और पुलिस ने कॉर्डन और सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान जंगल में छिपे आतंकियों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। एनकाउंटर अभी भी जारी है। वहीं, इस मुठभेड़ में दो कैप्टन और एक जवान के शहीद होने के बाद से उनके गांव में मातम का माहौल है।
छिपे हुए हैं तीन आंतकी
सुरक्षाबलों ने खुफिया इनपुट के बाद जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के बाजी मॉल जंगलों में कार्रवाई को अंजाम दिया था। इसमें बताया गया था कि कुछ आंतकी छुपे हुए हैं। भीषण मुठभेड़ में सेना के दो अधिकारी समेत चार की मौत हो गई। एक अन्य सैनिक घायल हो गया। जम्मू-कश्मीर में पीर पंजाल के जंगल पिछले कुछ वर्षों में कई मुठभेड़ों के बाद सुरक्षा बलों के लिए एक चुनौती साबित हुए हैं। आतंकवादी भौगोलिक स्थिति का लाभ उठाकर अपनी स्थिति को छुपाने के लिए घने जंगलों का उपयोग करते हैं। आतंकवादी अपनी स्थिति को छिपाने के लिए दुर्गम पहाड़ों, घने जंगलों और अल्पाइन जंगलों का फायदा उठाते हैं। पिछले हफ्ते राजौरी जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया था।
कश्मीर पुलिस और सेना के जवानों ने इलाके में घेराबंदी
इलाके की घेराबंदी में कश्मीर पुलिस और भारतीय सेना के कई जवान तैनात हैं। उन्होंने पूरे इलाके को घेर कर रखा है। जंगल का इलाका होने के कारण यहां आतंकियों का ठिकाना पता करने और उन तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। हालांकि, उनके ठिकाने को जानने के लिए अन्य तरीके भी अपनाए गए हैं। सेना ने आम लोगों से अपने घरों में ही रहने की अपील की है।
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