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DAV School Gua : डीएवी स्कूल गुवा के सामने लावारिस मिली छात्र-छात्राओं की तस्वीरें, अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन से मांगा जवाब

by Rakesh Pandey
DAV School Gua
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गुवा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत गुवा स्थित डीएवी स्कूल के सामने ऊंची कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की तस्वीरें कथित तौर पर लावारिस हालत में मिलने का मामला सामने आया है। तस्वीरों के इस तरह खुले में पड़े मिलने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में विद्यालय प्रबंधन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। अभिभावकों ने बच्चों की तस्वीरों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था और उनकी गोपनीयता को लेकर विद्यालय प्रबंधन से जवाबदेही तय करने की मांग की है।

अभिभावकों के अनुसार, विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की तस्वीरें बोर्ड परीक्षा के पंजीकरण सहित विभिन्न शैक्षणिक और दस्तावेजी प्रक्रियाओं के दौरान विद्यालय को उपलब्ध कराई जाती हैं। ऐसे में बच्चों की तस्वीरों का विद्यालय के बाहर खुले में लावारिस अवस्था में मिलना अभिभावकों के लिए चिंता का विषय है। उनका कहना है कि छात्र-छात्राओं की तस्वीरों को सामान्य कागज की तरह नहीं देखा जा सकता और इन्हें सुरक्षित रखना विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी है।

बोर्ड परीक्षा के पंजीकरण में इस्तेमाल होती हैं छात्र-छात्राओं की तस्वीरें

अभिभावकों का कहना है कि बोर्ड परीक्षा के पंजीकरण और अन्य शैक्षणिक कार्यों के लिए विद्यार्थियों की तस्वीरें विद्यालय के माध्यम से संबंधित प्रक्रियाओं में इस्तेमाल की जाती हैं। इसके अलावा विभिन्न दस्तावेजी कार्यों में भी विद्यार्थियों की तस्वीरों की आवश्यकता होती है। ऐसे में इन तस्वीरों को संभालकर रखना और अनुपयोगी होने के बाद सुरक्षित तरीके से नष्ट करना जरूरी है।

अभिभावकों ने सवाल उठाया है कि यदि ये तस्वीरें विद्यालय की किसी प्रक्रिया का हिस्सा थीं, तो आखिर वे विद्यालय परिसर से बाहर कैसे पहुंचीं। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन से तस्वीरों के खुले में मिलने की पूरी प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है।

बच्चों की तस्वीरों के दुरुपयोग को लेकर अभिभावकों की चिंता

वर्तमान दौर में तस्वीरों के डिजिटल इस्तेमाल और आधुनिक तकनीक के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए अभिभावकों ने बच्चों की तस्वीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि यदि किसी बच्चे की तस्वीर किसी गलत व्यक्ति के हाथ लगती है तो आधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तस्वीर बनाने तथा संपादित करने वाले उपकरणों के माध्यम से उसके गलत इस्तेमाल की आशंका पैदा हो सकती है।

हालांकि, इस मामले में किसी छात्र या छात्रा की तस्वीर के वास्तव में दुरुपयोग किए जाने की कोई जानकारी सामने नहीं आई है। अभिभावकों की चिंता फिलहाल तस्वीरों के खुले में मिलने और उनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर है। उनका सवाल है कि विद्यालय को सुरक्षित रखने के लिए दी गई तस्वीरें लावारिस हालत में सड़क किनारे तक कैसे पहुंचीं।

विद्यालय प्रबंधन से जांच और जवाबदेही की मांग

अभिभावकों ने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि छात्र-छात्राओं की तस्वीरें विद्यालय से बाहर किस प्रक्रिया के तहत पहुंचीं और इन्हें खुले में किसने छोड़ा। साथ ही विद्यालय में विद्यार्थियों की तस्वीरों और अन्य निजी दस्तावेजों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की भी समीक्षा होनी चाहिए। अभिभावकों ने यह भी मांग की है कि यदि तस्वीरें अनुपयोगी हो चुकी थीं, तो उन्हें सुरक्षित तरीके से नष्ट करने की प्रक्रिया अपनाई गई थी या नहीं, इसकी भी जांच की जाए। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि तस्वीरें विद्यालय के बाहर किस परिस्थिति में पहुंचीं।

शिक्षक पर छात्राओं के साथ कथित अनुचित व्यवहार की शिकायत का दावा

इसी बीच कुछ अभिभावकों की ओर से विद्यालय के एक शिक्षक के खिलाफ छात्राओं के साथ कथित ‘बैड टच’ को लेकर शिकायत किए जाने का भी दावा किया गया है। अभिभावकों के अनुसार, कई अभिभावकों ने इस संबंध में विद्यालय प्रबंधन तथा सेल, गुवा प्रबंधन के समक्ष लिखित शिकायत दी है।

अभिभावक सूत्रों के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद विद्यालय प्रबंधन की ओर से मामले की प्रारंभिक जांच शुरू किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित शिक्षक का पक्ष भी सामने आना बाकी है। इसलिए इस मामले में आरोपों की वास्तविकता जांच पूरी होने और संबंधित पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

छात्राओं की सुरक्षा को लेकर निष्पक्ष जांच की मांग

मामला छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण अभिभावकों ने निष्पक्ष और संवेदनशील तरीके से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए तथ्यों की जांच जरूरी है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और यदि कोई लापरवाही पाई जाती है तो उसके लिए जिम्मेदारी तय की जा सके।

लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ शिक्षकों के तबादले की मांग

कुछ अभिभावकों ने विद्यालय में लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ शिक्षकों के तबादले का मुद्दा भी उठाया है। उनका कहना है कि यदि विद्यालय की स्थानांतरण व्यवस्था के तहत शिक्षकों को निर्धारित अवधि के बाद स्थानांतरित करने का प्रावधान है, तो लंबे समय से एक ही विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों की स्थिति की भी समीक्षा की जानी चाहिए।

अभिभावकों ने नियमानुसार लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ शिक्षकों के स्थानांतरण की मांग की है। उनका कहना है कि इससे विद्यालय में प्रशासनिक संतुलन और पारदर्शिता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

अब तस्वीरों की सुरक्षा और शिकायतों की जांच पर नजर

डीएवी स्कूल गुवा के सामने छात्र-छात्राओं की तस्वीरें मिलने और शिक्षक के खिलाफ लगाए गए कथित आरोपों के बाद अभिभावक विद्यालय प्रबंधन से स्पष्ट जवाब चाहते हैं। तस्वीरों के खुले में मिलने का मामला विद्यार्थियों की निजी जानकारी और उसकी सुरक्षा से जुड़ा है, जबकि शिक्षक के खिलाफ लगाए गए आरोप छात्राओं की सुरक्षा से संबंधित हैं।

अभिभावकों की मांग है कि दोनों मामलों की तथ्यात्मक जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए। साथ ही छात्र-छात्राओं की तस्वीरों, दस्तावेजों और अन्य निजी जानकारी की सुरक्षा के लिए विद्यालय में मौजूद व्यवस्था को भी स्पष्ट किया जाए। अब इस मामले में विद्यालय प्रबंधन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं और शिकायतों की जांच किस स्तर तक पहुंचती है, इस पर नजर बनी हुई है।

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