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Widow Remarriage Promotion : विधवा विवाह योजना में पहली लाभुक को डीसी ने सौंपा दो लाख रुपये का चेक

जिले में इस साल 4 लाभुकों को मिलेगा योजना का लाभ, तीन के चयन की प्रक्रिया जारी

by Mujtaba Haider Rizvi
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जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले में राज्य विधवा पुनर्विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत दो महिलाओं का विवाह हुआ है। इनमें से एक लाभुक जमशेदपुर प्रखंड की दुर्गी देवी हैं। दुर्गी देवी का डाक्यूमेंट पूरा हो गया था। जिला प्रशसन की तरफ से उन्हें गुरुवार को दो लाख रुपये का चेक दिया गया है। जबकि, दूसरी लाभुक पटमदा प्रखंड से हैं। उन्हें इस योजना के लिए लाभुक के तौर पर चिन्हित किया गया है। लेकिन, अब तक उन्होंने सारे दस्तावेज समाज कल्याण विभाग के पास जमा नहीं किए हैं। इस वजह से उन्हें योजना के तहत प्रोत्साहन राशि नहीं दी जा सकी है। पटमदा की महिला के सभी दस्तावेज जमा करने के बाद उन्हें भी यह प्रोत्साहन राशि दे दी जाएगी।

डीसी ने महिला लाभुक को सौंपा चेक

डीसी अनन्य मित्तल ने राज्य विधवा पुनर्विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत जिले की पहली लाभुक दुर्गी देवी को 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि का चेक सौंपा। यह चेक उन्हें जमशेदपुर के प्रखंड क्षेत्र की निवासी दुर्गी देवी को उनके विधवा पुनर्विवाह के लिए प्रदान किया गया। इस मौके पर उपायुक्त ने दुर्गी देवी और उनके पति को उज्जवल भविष्य और सफल गृहस्थ जीवन की शुभकामना दी।

चार लाभुकों को दिया जाएगा योजना का लाभ

झारखंड सरकार के समाज कल्याण विभाग ने पूर्वी सिंहभूम जिले में चार विधवाओं को इस योजना में लाभान्वित करने का फैसला लिया है। योजना के तहत इस साल 4 महिलाओं को योजना का लाभ मिलेगा। समाज कल्याण विभाग योजना के तहत लाभुकों को चिन्हित करने का अभियान चला रहा है। दो लाभुक चिन्हित हो चुके हैं। इनमें से एक को लाभ दिया गया है। एक लाभुक को लाभ देने की प्रक्रिया चल रही है। दो लाभुकों को चिन्हित करे का काम जल्द किया जाएगा।

विधवा की जिंदगी बेहतर बनाने की कवायद


उपायुक्त अनन्य मित्तल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विधवा पुनर्विवाह को प्रोत्साहित करने के लिए यह महत्वाकांक्षी योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत विधवा पुनर्विवाह करने वाले दंपत्तियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे अपने जीवन को बेहतर बना सकें और समाज में एक सकारात्मक संदेश भेज सकें। इस अवसर पर उपस्थित अन्य अधिकारीयों और कर्मचारीयों ने भी योजना के महत्व को स्वीकार करते हुए इस पहल को समाज के लिए लाभकारी बताया।

नवनियुक्त अधिकारियों को मिला नियुक्ति पत्र

इस दिन का एक और महत्वपूर्ण कार्यक्रम संप्रेक्षण गृह और बाल गृह के लिए नवनियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र वितरण था। उपायुक्त अनन्य मित्तल ने संप्रेक्षण गृह एवं बाल गृह के लिए चार नवनियुक्त कर्मियों को उनके नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें गृहपति सुजित महतो, परिवीक्षा पदाधिकारी सुचांद महतो, काउंसलर कविता कुमारी सिंह और पारा चिकित्सा कर्मी संगीता गोड़सोरा शामिल थे।

उपायुक्त अनन्य मित्तल ने नवनियुक्त कर्मियों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए कहा कि उनकी जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसे पूरी निष्ठा से निभाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से संप्रेक्षण गृह और बाल गृह की गुणवत्ता पर जोर देते हुए कहा कि इन्हें आदर्श बनाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। इन संस्थाओं का नियमित निरीक्षण होना चाहिए और किसी भी प्रकार की कमियां मिलने पर त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही, सुरक्षा व्यवस्था का निरंतर अवलोकन भी जरूरी है।

बाल गृह और संप्रेक्षण का महत्व

उपायुक्त ने कहा कि संप्रेक्षण गृह और बाल गृह के कर्मियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि जिन बच्चों का वे देखभाल कर रहे हैं, उन्हें सुधारित कर उनके घर भेजा जाए। यह कार्य केवल दायित्व नहीं, बल्कि एक बड़ी उम्मीद भी है। उन्होंने कर्मियों से यह अपेक्षा की कि वे अपनी जिम्मेदारियों को उच्च कोटि का आचार-व्यवहार और कार्य क्षमता के साथ निभाएं। किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचना होगा और संस्थाओं के माहौल को आदर्श बनाना होगा। इस अवसर पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी संध्या रानी, डीसीपीओ और अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित थे। सभी ने नवनियुक्त कर्मियों को शुभकामनाएं दीं और उनके काम में सफलता की कामना की।
भी प्रशासन की प्राथमिकता है।

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