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Delhi water crisis : दिल्ली जल संकट पर आज होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

by Rakesh Pandey
 Delhi Water Crisis
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नई दिल्ली : Delhi Water Crisis: दिल्ली में जल संकट की स्थिति गंभीर हो गई है। भीषण गर्मी और लू के कहर के साथ ही दिल्ली इस वक्त पानी की कमी से जूझ रहा है। बताया जा रहा है कि यमुना का जलस्तर घट गया है। इसके साथ ही जल संकट दूर करने के लिए पड़ोसी राज्यों से अतिरिक्त जलापूर्ति की मांग वाली दिल्ली सरकार की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।

जस्टिस पीके मिश्रा और जस्टिस केवी विश्वनाथन की वेकेशन बेंच ने कहा कि केंद्र, दिल्ली, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की सरकार इसके लिए सहमत है। दिल्ली सरकार ने जल सकंट पर 31 मई को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें हरियाणा, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश को दिल्ली को एक महीने तक एक्स्ट्रा पानी छोड़ने का निर्देश देने की मांग की गई थी। कोर्ट ने कहा कि सभी राज्य इस बात पर सहमत हुए कि दिल्ली के नागरिकों के सामने पानी की कमी की समस्या को लेकर आपस में टकराव नहीं करेंगे। दिल्ली की समस्या का समाधान किया जाएगा। जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने निर्देश दिया है कि बैठक 5 जून को आयोजित की जाएगी और 6 जून तक स्थिति की रिपोर्ट पेश किया जाएगा।

 Delhi Water Crisis:  क्या है कारण दिल्ली के जल संकट का

दिल्ली में जल संकट के दो कारण हैं- गर्मी और पड़ोसी राज्यों पर निर्भरता। वही दिल्ली के पास अपना कोई जल स्रोत नहीं है। पानी के लिए यह पड़ोसी राज्यों पर निर्भर है, जबकि दिल्ली जल बोर्ड के मुताबिक इस साल दिल्ली की जरूरत हर दिन 32.1 करोड़ गैलन प्रतिदिन है। वहीं, दिल्ली जल बोर्ड के मुताबिक राज्य को रोजाना 129 करोड़ गैलन पानी की जरूरत है। गर्मियों में केवल 96.9 करोड़ गैलन प्रतिदिन ही मांग पूरी हो पा रही है। दिल्ली की 2.30 करोड़ आबादी को हर दिन 129 करोड़ गैलन पानी चाहिए, लेकिन उसे सिर्फ 96.9 करोड़ गैलन पानी ही मिल रहा है।

 Delhi Water Crisis:  इन राज्यों से मिलता है दिल्ली में पानी

दिल्ली में पानी की जरूरत हरियाणा सरकार यमुना नदी से, उत्तर प्रदेश सरकार गंगा नदी और पंजाब सरकार भाखरा नांगल से मिले पानी से पूरा करती है। वहीं, 2023 की एक रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली को हर दिन यमुना से 38.9 करोड़ गैलन, गंगा नदी से 25.3 करोड़ गैलन और भाखरा-नांगल से रावी-व्यास नदी से 22.1 करोड़ गैलन पानी मिलता था, जबकि इसके अलावा कुआं, ट्यूबवेल और ग्राउंड वाटर से 9 करोड़ गैलन पानी आता था। यानी दिल्ली को हर दिन 95.3 करोड़ गैलन पानी मिलता था। 2024 के लिए यह आंकड़ा बढ़कर 96.9 करोड़ गैलन हो गया है।

 Delhi Water Crisis:  सरेंडर होने से पहले केजरीवाल ने की थी अपील

दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने सरेंडर करने से पहले पानी की कमी से जूझ रही दिल्ली की जनता के लिए भारतीय जनता पार्टी से अपील की थी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि बीजेपी हरियाणा और उत्तर प्रदेश में अपनी सरकारों से दिल्ली को एक महीने के लिए पानी देने के लिए कहे।

दिल्ली में जल संकट के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी होनी है। दिल्ली की केजरीवाल सरकार की ओर से दायर की गई याचिका में पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हरियाणा को एक महीने तक अतिरिक्त पानी छोड़ने के निर्देश देने की मांग की गई है।

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