
धनबाद : अदालत के चक्कर काटने और कानूनी पेचीदगियों के डर से अब धनबाद के दूर-दराज इलाकों में रहने वाले लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। न्याय व्यवस्था को आम जनता की चौखट तक ले जाने के मकसद से धनबाद सिविल कोर्ट से एक खास पहल की शुरुआत की गई है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश निकेश कुमार सिन्हा ने विशेष रूप से तैयार ‘चलंत लोक अदालत’को हरी झंडी दिखाकर गांवों की ओर रवाना किया।
एक महीने तक गांवों में डेरा डालेगी सचल अदालत
यह चलती-फिरती अदालत अगले 30 दिनों तक धनबाद जिले की अलग-अलग पंचायतों और प्रखंडों का दौरा करेगी। इसका सबसे बड़ा मकसद उन ग्रामीणों तक पहुंचना है जो जानकारी के अभाव में या संसाधनों की कमी के चलते अदालत तक नहीं पहुंच पाते। इस दौरान लोगों को न सिर्फ उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा, बल्कि सरकार की ओर से मिलने वाली मुफ्त कानूनी सहायता की जानकारी भी सीधे दी जाएगी।
मौके पर ही विवाद सुलझाने की कोशिश
जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के इस अभियान के जरिए ग्रामीण इलाकों के छोटे-मोटे आपसी विवादों को कोर्ट-कचहरी के लंबे फेर में फंसाने के बजाय आपसी रजामंदी से मौके पर ही निपटाने की कोशिश की जाएगी। इसके साथ ही, ग्रामीणों को सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं और विवाद निपटाने के आसान कानूनी रास्तों की जानकारी दी जाएगी।
बलियापुर से हुई अभियान की शुरुआत
अभियान के पहले ही दिन मोबाइल लोक अदालत बलियापुर प्रखंड की डोलाबर पंचायत पहुंची। लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के डिप्टी चीफ अजय कुमार भट्ट की अगुवाई में टीम ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। मौके पर ही लोगों की शिकायतें और समस्याएं सुनी गईं और उन्हें सही कानूनी रास्ता दिखाया गया।
इस मौके पर प्राधिकार के सचिव मयंक तुषार टोपनो, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधेश्याम गोस्वामी, महासचिव जितेंद्र कुमार सहित कई न्यायिक अधिकारी और लीगल टीम के सदस्य उपस्थित रहे।
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