
धनबाद : हत्या के एक मामले में आरोपी को हथियार बरामदगी के लिए ले जा रही पुलिस टीम की देर रात मुठभेड़ हो गई। धनबाद में हुई इस घटना में शंकर दे उर्फ पिंकू दे के पैर में गोली लगी है। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने पूछताछ के बाद हत्या में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी के दौरान एक सब-इंस्पेक्टर की पिस्टल छीन ली और भागने की कोशिश करते हुए पुलिस टीम पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी। घायल आरोपित को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
पुलिस के अनुसार, शंकर को राम प्रताप प्रसाद की हत्या के मामले में संदिग्ध मानते हुए मैथन से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसे लेकर पुलिस टीम टुंडी के मनियाडीह क्षेत्र पहुंची थी। इसी दौरान कथित तौर पर उसने पुलिस अधिकारी की पिस्टल छीनकर भागने का प्रयास किया। पुलिस का कहना है कि आरोपी की ओर से फायरिंग किए जाने के बाद जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। घटना के बाद घायल शंकर डे को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल उसकी हालत और आगे की पूछताछ को लेकर पुलिस की नजर उपचार पर बनी हुई है।
राम प्रताप प्रसाद की गुमशुदगी से शुरू हुई हत्या की जांच
ग्रामीण पुलिस अधीक्षक मोहम्मद याकूब ने बताया कि अगस्त महीने में गोंदूडीह ओपी क्षेत्र में राम प्रताप प्रसाद के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। उनकी पत्नी ने पुलिस को जानकारी दी थी कि राम प्रताप पिछले दो दिनों से गायब हैं। शिकायत के दौरान शंकर नाम के एक व्यक्ति पर संदेह भी जताया गया था। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संदिग्ध की तलाश में जुट गई।
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि संदिग्ध मैथन के आसपास मौजूद है। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई की और शंकर उर्फ पिंकू दे को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपित ने राम प्रताप प्रसाद की हत्या की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद करने के लिए उसे मनियाडीह लेकर गई थी। इसी कार्रवाई के दौरान मुठभेड़ होने की बात सामने आई है।
लूट की रकम के विवाद में हत्या का आरोप
ग्रामीण एसपी के अनुसार, इस मामले की जांच में जून महीने में गोंदूडीह ओपी क्षेत्र में हुई लूट की एक घटना का भी पता चला। पुलिस का दावा है कि उस लूट की वारदात को राम प्रताप प्रसाद और शंकर डे ने मिलकर अंजाम दिया था। बाद में लूट की रकम के लेनदेन को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। पुलिस के मुताबिक, इसी विवाद के चलते शंकर डे ने राम प्रताप प्रसाद की गोली मारकर हत्या कर दी थी। जांच में पुलिस इस विवाद को हत्या की प्रमुख वजह मान रही है। हालांकि, मामले से जुड़े आरोपों की पुष्टि आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया में होगी। पुलिस अब घटना से जुड़े साक्ष्यों को जुटाने और हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद करने का प्रयास कर रही है।
मनियाडीह से मिला था अज्ञात शव, जांच में हुई पहचान
पुलिस ने बताया कि मनियाडीह क्षेत्र से पहले एक अज्ञात शव बरामद हुआ था। बाद में शव की पहचान राम प्रताप प्रसाद के रूप में की गई। इसके बाद गुमशुदगी के मामले की जांच हत्या के मामले में आगे बढ़ी और पुलिस ने संदिग्ध की भूमिका की पड़ताल शुरू की। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस शंकर डे को इस हत्याकांड में आरोपित मान रही है। पुलिस अब उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि और अन्य संभावित वारदातों में भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपित के स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उससे आगे पूछताछ की जाएगी। इसके साथ ही हत्या में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई जारी रहेगी।
अस्पताल में घायल आरोपी का इलाज, पुलिस जांच जारी
मुठभेड़ में पैर में गोली लगने के बाद शंकर को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उसका उपचार चल रहा है। पुलिस का कहना है कि स्वास्थ्य में सुधार होने पर उससे मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर पूछताछ की जाएगी। जांच में लूट की घटना, रकम के विवाद और राम प्रताप प्रसाद की हत्या के बीच संबंधों की पड़ताल की जा रही है।

