दुमका : झारखंड के दुमका जिले में पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र में पुलिस द्वारा जब्त किए गए लाखों रुपये मूल्य के प्रतिबंधित कफ सिरप कोरेक्स की चोरी हो गई है। हैरानी की बात यह है कि यह पूरी घटना पुलिस की निगरानी में उस कमरे से हुई, जिस पर पुलिस ने खुद ताला लगाकर उसे सुरक्षित बताया था।
16 दिसंबर को हुआ था कोरेक्स जब्त
यहां बता दें कि, मुफस्सिल थाना पुलिस ने 16 दिसंबर को कुसुमडीह इलाके में एक कमरे से भारी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप कोरेक्स जब्त किया था। जब्ती के बाद पुलिस ने उसी कमरे में सिरप को सुरक्षित रखते हुए शटर पर अपना ताला लगा दिया था। माना जा रहा था कि पुलिस निगरानी में होने के कारण वहां रखे गए कफ सिरप पूरी तरह सुरक्षित हैं।
देर रात माफिया ने उड़ाए सभी कफ सिरप
शनिवार देर रात अज्ञात माफिया ने सुनियोजित तरीके से शटर में लगे पुलिस के ताले को खोल दिया और कमरे में रखे सभी प्रतिबंधित कफ सिरप को गायब कर दिया। चोरी को छिपाने के लिए माफिया ने शटर में दूसरा नया ताला भी जड़ दिया, ताकि किसी को शक न हो। यह पूरी वारदात बेहद शातिराना तरीके से अंजाम दी गई।
सुबह खुला राज, अधिकारी मौके पर पहुंचे
रविवार सुबह जब स्थानीय लोगों को इस संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिली, तो उन्होंने इसकी सूचना प्रशासन को दी। इसके बाद मुफस्सिल थाना पुलिस, अंचल अधिकारी (सीओ) और ड्रग विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सभी अधिकारियों की मौजूदगी में शटर में लगे ताले को तोड़ा गया।
कमरा खुलते ही उड़ गए होश
जैसे ही शटर का ताला तोड़कर कमरे के अंदर प्रवेश किया गया, वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। कमरे के अंदर एक भी कफ सिरप मौजूद नहीं था। पुलिस द्वारा जब्त की गई पूरी खेप गायब थी। इस दृश्य के सामने आते ही पूरे मामले में लापरवाही और अंदरूनी मिलीभगत की आशंका गहरा गई है।
पुलिस और ड्रग विभाग की भूमिका पर सवाल
प्रतिबंधित कफ सिरप की चोरी पुलिस की निगरानी में होना न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि इस पूरे खेल में किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका हो सकती है। कोरेक्स जैसे नशीले कफ सिरप की अवैध बिक्री पहले से ही इलाके में चिंता का विषय रही है।
जांच शुरू
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि शटर का ताला कैसे खोला गया, माफिया को जब्त सामग्री की सही जानकारी कैसे मिली और घटना के समय निगरानी की क्या व्यवस्था थी। सूत्रों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और स्थानीय नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
नशे के खिलाफ अभियान को बड़ा झटका
इस घटना को नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। यदि जब्त किए गए प्रतिबंधित कफ सिरप दोबारा अवैध बाजार में पहुंचे, तो इससे युवाओं में नशे की समस्या और गंभीर हो सकती है। प्रशासन पर अब दबाव है कि जल्द से जल्द दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
Read Also- Palamu Murder Case : विवाहिता का शव घर से बरामद, हत्या की आशंका, ससुराल वाले फरार

