सेंट्रल डेस्क: शुक्रवार की सुबह कई देशों के लिए आफत बनकर आई। म्यांमार, बांग्लादेश व थाईलैंड सहित अन्य देशों में भूकंप के झटकों ने तबाही मचा दी। धरती के कांपने से कई इमारतें जमींदोज हो गईं और अफरातफरी मची रही। दर्जनों लोग भूकंप के बाद से लापता हैं। नुकसान और बड़ा होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस 7.7 तीव्रता वाले भूकंप के बाद थाइलैंड के बैंकाक में पूरी तरह से लॉकडाउन है। मेट्रो सेवाएं रोक दी गई हैं। शेयर बाजार में ट्रेडिंग भी थम गई है। एयरपोर्ट और सबवे बंद कर दिए गए हैं।
थाइलैंड में एक मौत की पुष्टि, 43 लोग लापता
इस भूकंप के कारण थाईलैंड में भूकंप से एक शख्स की मौत होने की पुष्टि अबतक की गई है जबकि 43 लोग लापता बताए जा रहे हैं। बैंकॉक में जो निर्माणाधीन इमारत जमींदोज हुई है, उसमें कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। बैंकॉक में टावर जमींदोज हो गया है जबकि दर्जनों लोग लापता हैं।
म्यांमार के मांडलेय शहर में भूकंप से ज्यादा नुकसान
शुक्रवार की सुबह-सुबह धरती डोलने से म्यांमार के मांडलेय शहर में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। यहां शहर के कई मंदिर और बौद्ध स्थल टूट गए हैं। शक्तिशाली भूकंप के झटके महसूस किए जाने के बाद आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल बन गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, म्यांमार में रिक्टर स्केल पर 7.7 तीव्रता का भूकंप आया, जो भूकंप की दृष्टि से काफी खतरनाक माना जाता है। भूकंप के झटके म्यांमार की राजधानी नापीता सहित अन्य प्रमुख शहरों में महसूस किए गए।
दिल्ली-एनसीआर में भी महसूस किए गए झटके
इसके अलावा भारत की राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के एनसीआर इलाकों में भी हलके झटके महसूस किए गए। हालांकि, म्यांमार में किसी तरह के भूकंप से जान-माल के नुकसान की अभी तक कोई खबर नहीं है।
भूकंप प्रभावित देशों में दहशत का माहौल
म्यांमार और इसके पड़ोसी देशों में रहने वाले लोग इस घटना से घबराए हुए हैं। भूकंप के झटकों से लोग अपने घरों से बाहर निकलने को मजबूर हो गए। भूकंप के कारण म्यांमार, बांग्लादेश, चीन, लाओस और थाइलैंड जैसे पड़ोसी देशों में भी हलके झटके महसूस हुए, जिनसे वहां भी लोग सहमे हुए हैं।
म्यांमार में 10 किलोमीटर की गहराई पर था भूकंप का केंद्र
भूकंप का केंद्र म्यांमार के पूर्वी हिस्से में स्थित था, जो कि जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर आया था। भूकंप का केंद्र अक्षांश 21.93 एन और देशांतर 96.07 ई पर स्थित था, जो NCS द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया गया। इस भूकंप ने खासकर उन क्षेत्रों में घबराहट फैला दी, जहां पहले कभी इतनी तीव्रता के झटके महसूस नहीं हुए थे।
पीएम मोदी ने जताई चिंता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप के बाद की स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप बाद की स्थिति पर चिंतित हूं। सभी की सुरक्षा की प्रार्थना कर रहा हूं। भारत हरसंभव सहायता के लिए तैयार है। हमने इस संबंध में प्रशासन को सतर्क रहने को कहा है। इसके साथ ही विदेश मंत्रालय से कहा है कि वह म्यांमार और थाईलैंड की सरकारों के संपर्क में रहे। सभी के सुरक्षित होने की कामना की।
न्यूजीलैंड में भी आए थे भूकंप के झटके
आज सुबह म्यांमार में आए भूकंप से पहले न्यूजीलैंड के रिवर्टन तट पर भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 6.5 मापी गई थी। हालांकि, इस भूकंप में भी किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन इसके बाद सुनामी का खतरा पैदा हो गया था। न्यूजीलैंड के अधिकारियों ने इस खतरे को देखते हुए सुरक्षा उपायों को और सख्त कर दिया है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित आपदा से बचा जा सके।
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