Jamshedpur (Jharkhand) : पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) जिले में अगस्त 2019 में टीजीटी (TGT) शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी। इनमें 18 शिक्षक-शिक्षिकाओं की नियुक्ति को लेकर राज्य के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के निर्देश पर कोल्हान प्रमंडल के क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक (RDDE) ने विभाग को जांच रिपोर्ट सौंपी थी। आरडीडीई की इस जांच रिपोर्ट पर विभाग ने दो बिंदुओं पर सवाल उठाते हुए, फिर से रिपोर्ट सौंपने को कहा है। इसके साथ ही विभाग ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) से भी उक्त दोनों बिंदुओं पर जानकारी मांगी है।

क्या है मामला?
अगस्त 2019 में शिक्षकों की नियुक्ति के दौरान सत्र 2015-17 के उत्तीर्ण ऐसे 18 शिक्षक-शिक्षिकाएं जिले के विभिन्न विद्यालयों में पदस्थापित हैं, जिनकी नियुक्ति में अनियमितता की शिकायत हुई थी। इस संबंध में पारडीह निवासी कार्तिक चन्द्र साव ने विभाग से जांच की मांग की थी। इस पर विभाग ने विगत 9 जून को आरडीडीई को जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था। इसके आलोक में आरडीडीई ने विगत 23 जुलाई को विभाग को जांच रिपोर्ट सौंपी थी।
क्या था रिपोर्ट में?
आरडीडीई की जांच में बताया गया था, “सत्र 2015-17 में बीएड की परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को नोटिस निर्गत किया गया था। लेकिन, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से सत्र 2015-17 में बीएड परीक्षा में किसी भी विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण होनेवाले अभ्यर्थियों को शिक्षक नियुक्ति परीक्षा के रिजल्ट में शामिल करने का निर्णय लिया गया है।” इस रिपोर्ट को अस्पष्ट बताते हुए विभाग ने असंतोष जताया है। साथ ही दो बिंदुओं पर फिर से रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
विभाग ने मांगा इन बिंदुओं पर मांगी रिपोर्ट
- क्या बीएड सत्र 2015-2017 के सभी अभ्यर्थियों को परीक्षाफल प्रकाशन की तिथि 14 दिसंबर 2018 के पूर्व JSSC ने योग्य माना था?
- क्या आवेदन की अंतिम तिथि 25 अप्रैल 2017 से पूर्व 18 शिक्षकों का बीएड प्रशिक्षण पूरा हो गया था?
इस संबंध में आरडीडीई से भी उनके मोबाइल फोन पर जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी।

