RANCHI: झारखंड में शराब घोटाले को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एसीबी जांच के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गुरुवार को आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने दावा किया कि राज्य के शराब घोटाले में आईएएस अधिकारी विनय चौबे के साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी शामिल हैं। प्रेसवार्ता में भाजपा के मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक और सह मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह भी मौजूद थे।
एसीबी की जांच निष्पक्ष नहीं
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि शराब घोटाले की जांच फिलहाल एसीबी कर रही है और इस मामले में तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय चौबे जेल में बंद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एसीबी की जांच निष्पक्ष नहीं है और मुख्यमंत्री को बचाने की सुनियोजित कोशिश की जा रही है। बाबूलाल के अनुसार, एसीबी द्वारा जिन पूर्व उत्पाद आयुक्तों अमित कुमार, कर्ण सत्यार्थी और फैज अहमद से पूछताछ की गई, उनके बयान लगभग एक जैसे सामने आए हैं।
रटे-रटाए तोते की तरह बयान
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अमित कुमार का बयान है कि जो विनय चौबे ने चाहा, वही हुआ, जबकि कर्ण सत्यार्थी ने कहा कि विनय चौबे ने केस दर्ज करने से मना किया था। ऐसे बयान सामान्य नहीं बल्कि बड़े स्तर के भ्रष्टाचार की ओर इशारा करते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इन अधिकारियों पर अनुचित दबाव था तो उन्होंने फाइल में नोटिंग क्यों नहीं की और न ही मुख्य सचिव या मुख्यमंत्री से शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि ये अधिकारी रटे-रटाए तोते की तरह बयान दे रहे हैं और अदालत में भी ऐसा ही बोलने के निर्देश हैं, ताकि बड़े लोगों को बचाया जा सके। उन्होंने वर्ष 2022 में ही मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर संभावित शराब घोटाले को लेकर आगाह किया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री की भूमिका संदिग्ध है।
एसीबी डीजीपी पर भ्रष्टाचार के आरोप
भाजपा नेता ने एसीबी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि एसीबी डीजीपी पर खुद भ्रष्टाचार के आरोप हैं। ऐसे में निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने मांग की कि यदि मुख्यमंत्री पाक-साफ हैं तो पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपें।

