Dhanbad : राष्ट्रीय उच्चपथ पर नियमित यात्रा करने वाले निजी वाहन मालिकों की जेब हल्की होने जा रही है, क्योंकि अब उन्हें फास्टैग वार्षिक पास के लिए अधिक राशि चुकानी होगी। भारतीय राष्ट्रीय उच्चपथ प्राधिकरण (एनएचएआई) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए फास्टैग एनुअल पास के शुल्क में संशोधन किया है। फिलहाल एनुअल पास के लिए 3000 रुपये का भुगतान करना पड़ता है, जिसे बढ़ाकर 3075 रुपये कर दिया गया है। नई दर 1 अप्रैल से देश भर के टोल पर लागू हो जाएगी।
यह संशोधन राष्ट्रीय उच्चपथ शुल्क (दर निर्धारण और संग्रह) नियम, 2008 के प्रावधानों के अनुसार किया गया है। देशभर में फिलहाल 56 लाख से अधिक उपयोगकर्ता फास्टैग वार्षिक पास का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो निजी वाहन मालिकों के बीच इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
संशोधित शुल्क वैध फास्टैग वाले पास गैर-व्यावसायिक वाहनों पर लागू होगा। इन वाहनों को राष्ट्रीय उच्चपथ और राष्ट्रीय एक्सप्रेस-वे स्थित करीब 1150 टोल प्लाजा पर इस सुविधा का लाभ मिलेगा।
फास्टैग वार्षिक पास लेने वाले उपयोगकर्ताओं को बार-बार फास्टैग रिचार्ज कराने की जरूरत नहीं पड़ती। यह पास एक वर्ष की अवधि या 200 टोल प्लाजा पार करने तक, जो पहले पूरा हो, तक मान्य रहता है।
वार्षिक पास की एकमुश्त राशि जमा करने के करीब दो घंटे के भीतर यह वाहन से जुड़े मौजूदा फास्टैग पर एक्टिव हो जाता है। इसका भुगतान उच्चपथ यात्रा एप या भारतीय राष्ट्रीय उच्चपथ प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से किया जा सकता है।
गौरतलब है कि 15 अगस्त 2025 को शुरू की गई फास्टैग वार्षिक पास योजना को देशभर के राष्ट्रीय उच्चपथ उपयोगकर्ताओं ने काफी सराहा है। उन्हें बार-बार पर टोल टैक्स देने के लिए समय बर्बाद नहीं करना पड़ता है। इससे उन्हें समय की काफी बचत होती है।

