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डिनर के सवाल पर विदेश मंत्री जयशंकर का मजेदार जवाब, खूब बजीं तालियां, जानें पूरा मामला

सवाल पर उनकी ओर से दिया गया जवाब न केवल उनकी तात्कालिक बुद्धिमत्ता को दर्शाता है, बल्कि राजनीतिक संवेदनशीलता को भी समझने की उनकी क्षमता को स्पष्ट करता है। सवाल-जवाब का यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

by Rakesh Pandey
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नई दिल्ली : अपने चतुराईपूर्ण व सधे हुए जवाबों के लिए जाने जानेवाले भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने किम जोंग उन और जॉर्ज सोरोस से जुड़े एक सवाल के जवाब में एक बार फिर इंटरनेट पर अपनी मजाकिया प्रतिक्रिया से सबको चौंका दिया। यह घटना विवादास्पद सवालों को चतुराई से निपटने की उनकी क्षमता को भी दर्शाती है। विदेश मंत्री एस जयशंकर का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि द फोटोन न्यूज इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

क्या था वह सवाल जिसका जयशंकर ने चतुराई से दिया जवाब

एक समाचार एजेंसी के साथ एक विशेष साक्षात्कार में, जयशंकर से पूछा गया कि अगर उन्हें विकल्प दिया जाए तो वे किसके साथ डिनर करना चाहेंगे – उत्तर कोरियाई प्रधानमंत्री किम जोंग उन या हंगेरियन-अमेरिकी व्यवसायी जॉर्ज सोरोस। जवाब में एस जयशंकर ने कहा, ‘मुझे लगता है कि अभी नवरात्रि है, मैं उपवास कर रहा हूं।‘ विदेश मंत्री के इस तरह की हाजिरजवाबी को सुनने के बाद दर्शकों ने जमकर तालियां बजायीं। एस जयशंकर की बातचीत वाली यह वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और नेटिजन्स ने ऐसे जटिल सवाल के लिए विदेश मंत्री की तीखी प्रतिक्रिया की सराहना की।

सोरोस के खिलाफ भाजपा की आरोप

यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पार्टी पर जॉर्ज सोरोस के साथ संबंध रखने का आरोप लगाते हुए कई बार निशाना साधा है। सोरोस पर आरोप है कि वह भारत की वर्तमान सरकार को कमजोर करने के लिए विभिन्न अभियानों की फंडिंग कर रहे हैं। भाजपा के शीर्ष नेता भी जॉर्ज सोरोस पर हमलावर रहे हैं, आलोचना करते रहे हें।

क्या है राजनीतिक संदर्भ

जॉर्ज सोरोस को उनके लोकतंत्र समर्थक वकालत के लिए जाना जाता है, जबकि उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग-उन की परमाणु महत्वाकांक्षाएं वैश्विक तनाव का कारण बनी हुई हैं। दोनों ही व्यक्तित्व विपरीत राजनीतिक विचारधाराओं का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिससे यह सवाल और भी महत्वपूर्ण बन जाता है।

क्या है जयशंकर के जवाब के मायने

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर को सवाल में उलझाने की कोशिश नाकाम रही। सवाल पर उनकी ओर से दिया गया जवाब न केवल उनकी तात्कालिक बुद्धिमत्ता को दर्शाता है, बल्कि राजनीतिक संवेदनशीलता को भी समझने की उनकी क्षमता को स्पष्ट करता है। इसके पहले भी विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर एस जयशंकर अपनी बुद्धिमत्ता का परिचय दे चुके हैं। उनके आत्मविश्वास की झलकियां पूरी दुनिया देख चुकी है।

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