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CANADA में वेटर की जॉब के लिए मची मारामारी, हजारों की लगी लाइन

कनाडा में एक अच्छे भविष्य, नौकरी के लिए भारतीय छात्रों का जाना बहुत आम है, लेकिन कुछ समय से कनाडा में बढ़ती बेरोजगारी और आवास की समस्या कनाडा में रहने वाले भारतीय छात्रों के लिए सवाल खड़े कर रही हैं।

by Rakesh Pandey
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नई दिल्ली : सभी लोगों की लालसा रहती है कि वह विदेशों में जाकर उच्च शिक्षा हासिल करें ताकि उनको वहीं, पर रोजगार मिल जाएं। इसके लिए वे कड़ी मेहनत भी करते हैं और अन्तत: उनको सफलता मिल भी जाती है। लोगों का मानना है कि इन दिनों बेरोजगारी इतनी बढ़ गयी है कि विदेशों में भी रोजगार नहीं मिल रहे हैं। इसका एक ताजा उदाहरण कनाडा से आया है। वहां से एक वीडियो एक्स पर पोस्ट किया है जिसको देखने के बाद विदेशों में अच्छी नौकरी की चाह रखने वालों के लिए एक चिंताजनक खबर है।

हाल ही में एक वायरल वीडियो ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए मुश्किलों का संकेत दिया है। इस वीडियो में दिखाया गया है कि कनाडा के तंदूरी फ्लेम रेस्टोरेंट के बाहर छात्रों की लंबी कतार दिखाई दे रही है, जिसमें अधिकांश छात्र भारतीय हैं। ये सभी बेसब्री से नौकरी के इंटरव्यू का इंतजार कर रहे हैं। वीडियो में हजारों नौकरी चाहने वाले वेटर और सर्विस स्टॉफ के पदों के लिए लाइन में खड़े नजर आ रहे हैं। हालांकि The Photon News इसकी पुष्टि नहीं करता है।

छात्रों की निराशा

लाइन में खड़े अगमवीर सिंह ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि वह दोपहर 12 बजे के आस-पास वहां पहुंचा तो देखा कि लाइन काफी है। उसने बताया कि उसने ऑनलाइन आवेदन किया था, लेकिन कोई जवाब नहीं आया है। मुझे नहीं लगता कि इस देश में नौकरियों की कोई गुंजाइश है।

एक अन्य छात्र ने कहा कि यह बहुत बुरा है। ऐसा लगता है कि हर कोई नौकरी की तलाश में है, और किसी को भी सही से नौकरी नहीं मिल रही। उसने बताया कि उसके कई दोस्त ऐसे हैं जो 2-3 साल से यहां रह रहे हैं लेकिन अभी भी वे बेरोजगार हैं।

सोशल मीडिया पर चिंता

कई अन्य छात्रों ने कनाडा में स्थानांतरित होने के बाद रोजगार पाने में संघर्ष के अपने अनुभव साझा किए हैं। वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर @MeghUpdates द्वारा साझा किया गया है। इसमें छात्रों की कठोर वास्तविकता को दर्शाया गया है। यहां पोस्ट में लिखा है कि सुंदर सपनों के साथ भारत छोड़कर कनाडा जाने वाले छात्रों को गंभीर तरीके से सोचने की आवश्यकता है।

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