

Garhwa (Jharkhand) : झारखंड के गढ़वा जिले के धुरकी प्रखंड मुख्यालय से महज एक किलोमीटर दूर आदिम जनजाति बाहुल्य कोरबा टोली में डायरिया ने दस्तक दे दी है। इस बीमारी ने लुप्तप्राय आदिम जनजाति परिवार के एक मासूम की जान ले ली, जबकि परिवार के अन्य सदस्य गंभीर रूप से पीड़ित बताए जा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, अनिल कोरबा का चार वर्षीय पुत्र बादल कुमार डायरिया की चपेट में आकर काल के गाल में समा गया। मासूम की मौत के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत व शोक का माहौल है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही धुरकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम तुरंत सक्रिय हो गई। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रत्नेश कुमार ने बताया कि एक बच्चे की मौत की पुष्टि हुई है और स्वास्थ्य कर्मी पीड़ित परिवार का इलाज कर रहे हैं। जरूरत पड़ने पर गांव में स्वास्थ्य कैंप भी लगाया जाएगा, ताकि अन्य लोगों की जांच की जा सके।

गरीबी और बेघर जीवन की मार
पीड़ित परिवार की स्थिति बेहद दयनीय है। अनिल कोरबा, उसकी पत्नी प्रमिला देवी और अन्य सदस्य लंबे समय से गरीबी और अभाव में जिंदगी काट रहे हैं। परिवार के पास अपना आवास तक नहीं है और वे पास के कोरबा भवन में शरण लिए हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने फिलहाल टोले पर विशेष नजर रखी है ताकि डायरिया के और अधिक फैलाव को रोका जा सके।
