मैट्रिक में 95% से अधिक अंक दिखाकर हासिल की नौकरी, डीजी लॉकर जांच में खुला राज
धनबाद : झारखंड के धनबाद डाक प्रमंडल में ग्रामीण डाकसेवक की नियुक्ति प्रक्रिया में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। जांच में सामने आया है कि तीन ग्रामीण डाकसेवकों ने फर्जी मार्कशीट के आधार पर नौकरी हासिल की थी। इन सभी ने मैट्रिक परीक्षा में 95 प्रतिशत से अधिक जाली अंक दिखाकर खुद को योग्य सिद्ध किया और नौकरी पा ली।
कहां-कहां हुई थी फर्जी नियुक्ति
जिन तीन अभ्यर्थियों की फर्जी मार्कशीट पकड़ी गई है, उनके नाम और पोस्टिंग स्थान इस प्रकार हैं:
• बंकु पासवान – निरसा चट्टी डाकघर की मदनपुर शाखा
• नागेंद्र कुमार – कतरासगढ़ डाकघर की रोआम शाखा
• टीपू कुमार – झरिया की भागाबांध शाखा
इनमें एक देवघर और दो अभ्यर्थी बिहार के निवासी हैं। फर्जीवाड़े का खुलासा होते ही वरिष्ठ डाक अधीक्षक ने तीनों को तत्काल सेवा से बर्खास्त कर दिया है। इसके साथ ही उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश भी दिया गया है।
कैसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
जुलाई 2024 में धनबाद डाक प्रमंडल में 120 ग्रामीण डाकसेवकों की बहाली के लिए रिक्तियां निकाली गई थीं। पात्रता के लिए न्यूनतम योग्यता मैट्रिक पास होना अनिवार्य था। बिहार, झारखंड और अन्य राज्यों के हजारों अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।
जिन अभ्यर्थियों को मैट्रिक में उच्च अंक प्राप्त हुए थे, उन्हें वरीयता देकर नियुक्ति दी गई। चयन के बाद डीजी लॉकर के जरिए अभ्यर्थियों की मार्क्सशीट की जांच की गई।
• 96 अभ्यर्थियों की मार्क्सशीट सही पाई गई।
• 24 अभ्यर्थियों की जांच बाद में शुरू की गई, जिनमें से तीनों की मार्क्सशीट फर्जी पाई गई।
अब आगे क्या?
वरिष्ठ डाक अधीक्षक ने इस प्रकरण को गंभीर धोखाधड़ी मानते हुए नौकरी समाप्ति के साथ-साथ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया है। इस मामले ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और सत्यापन प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
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