गिरिडीह : झारखंड के गिरिडीह जिले में एक दर्दनाक हादसे में दो किशोरों की डूबने से मौत हो गई। यह घटना जमुआ और देवरी थाना क्षेत्र की मध्य सीमा पर स्थित गोदावरी त्रिवेणी संगम तालाब में बुधवार को हुई। बताया जा रहा है कि होली खेलने के बाद दोनों किशोर अपने दोस्तों के साथ स्नान करने के लिए तालाब पहुंचे थे, जहां गहरे पानी में जाने से वे डूब गए।
घटना की जानकारी मिलने के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग तुरंत बचाव कार्य में जुट गए। बाद में गोताखोरों की मदद से दोनों को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
होली खेलने के बाद दोस्तों के साथ गए थे स्नान करने
मिली जानकारी के अनुसार, देवरी थाना क्षेत्र के चतरो बाजार निवासी संजय साव के पुत्र करण कुमार और पुरनीगड़िया गांव के कृष्णा विश्वकर्मा के पुत्र दीपक कुमार बुधवार को होली खेलने के बाद अपने दोस्तों के साथ स्नान करने के लिए त्रिवेणी संगम पहुंचे थे। स्नान के दौरान दोनों किशोर तालाब के गहरे हिस्से में चले गए और अचानक पानी में डूबने लगे। उनके साथ मौजूद दोस्तों ने जब उन्हें डूबते देखा तो तुरंत शोर मचाया और स्थानीय लोगों को इसकी सूचना दी।
गोताखोरों की मदद से चलाया गया सर्च ऑपरेशन
बच्चों के डूबने की खबर मिलते ही स्थानीय लोग बड़ी संख्या में तालाब के पास पहुंच गए और उन्हें खोजने का प्रयास शुरू कर दिया। घटना की सूचना प्रशासन को भी दी गई, जिसके बाद खंडोली से गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची। करीब ढाई से तीन घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद दोनों किशोरों को पानी से बाहर निकाला गया। उन्हें तुरंत उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।
पूरे गांव में पसरा मातम
हादसे की खबर मिलते ही दोनों परिवारों और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जब दोनों किशोरों के शव घर लाए गए तो पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है और आसपास के लोग उन्हें ढांढस बंधाने में लगे हुए हैं। इस घटना की पुष्टि खोरीमहुआ एसडीपीओ राजेंद्र प्रसाद ने भी की है। उन्होंने बताया कि त्रिवेणी संगम तालाब में डूबने से दो बच्चों की मौत हुई है और मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी गई है।
त्योहार के बीच हादसे ने बढ़ाई चिंता
होली जैसे त्योहार के दौरान हुई इस दुखद घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाब और नदी जैसे जल स्रोतों में स्नान करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इस हादसे के बाद प्रशासन से भी जल स्रोतों के आसपास सुरक्षा और जागरूकता बढ़ाने की मांग की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

