रांची : बिरसा मुंडा एथलेटिक्स स्टेडियम में सोमवार को 68वीं आल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट (एआईपीडीएम) की शुरुआत हुई। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार मौजूद थे। उन्होंने कई राज्यों से आए टीम मैनेजर्स से परिचय प्राप्त कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने पुलिस ड्यूटी मीट शुरू करने की घोषणा की।


राज्यपाल ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से नई तकनीक और अनुसंधान के बारे में जानकारी मिलती है। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा की पवित्र भूमि पर ये आयोजन हो रहा है। ये कार्यक्रम पुलिस बल की कार्यकुशलता और मनोबल को बढ़ाने का काम करता है। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता कराना राज्य के लिए गौरव की बात है। पुलिस प्रतिकूल परिस्थितियों में भी जनहित के काम करने में पीछे नहीं रहती। पर्व हो, चुनाव हो या फिर उग्रवाद से निपटने का काम हमारी पुलिस साहस और ईमानदारी से डटी रहती है।
नए कानून से न्याय प्रक्रिया सरल
राज्यपाल ने कहा कि अपराध के स्वरूप बदल गए हैं। साइबर अपराध के मामलों में तेजी आई है। पुलिस आधुनिक तकनीक से लैस हो रही है। उन्होंने कहा कि नए कानून का उद्देश्य न्याय प्रक्रिया को सरल बनाना है। इससे पीड़ितों को जल्द न्याय मिलेगा। राज्यपाल ने कहा कि पीएम ने स्मार्ट पुलिसिंग की पहल की है। पुलिस और जनता के बीच समन्वय बनाने की जरूरत है। पुलिस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करती है तो लोग इसकी प्रशंसा करते हैं। पुलिस को जनता का विश्वास जीतना चाहिए। गवर्नर ने कहा कि पुलिस
नवीनतम तकनीक का उपयोग करे और संसाधनों से लैस हो, जिससे कि चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सके।
29 टीमें कर रही पार्टिसिपेट
इस दौरान अंडमान निकोबार, असम बिहार, जम्मू कश्मीर, हरियाणा, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पंजाब, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, यूपी, झारखंड,
एसएसबी, एसपीजी की टीमों ने मार्च पास्ट में भाग लिया। बता दें कि झारखंड को पहली बार ड्यूटी मीट कराने की जिम्मेवारी मिली है। ड्यूटी मीट में 1228 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इसमें 18 राज्य, 2 केंद्रशासित राज्य के अलावा 8 अर्धसैनिक बलों के दल और श्वान दल भाग ले रहे हैं। सभी ने शपथ ली कि नियमों का पालन करते हुए प्रतियोगिता में भाग लेंगे।

