नई दिल्ली : दिल्ली एयरपोर्ट पर कदम रखते ही यात्रियों को शहर के प्रदूषण से राहत और ताजगी का अनुभव होता है। एयरपोर्ट के चारों ओर रंग-बिरंगे सर्दी के फूल, घनी हरियाली और वायु शुद्ध करने वाले पौधे लगाए गए हैं, जो न केवल वातावरण को खूबसूरत बनाते हैं बल्कि हवा की गुणवत्ता भी सुधारते हैं।
आईजीआईए इंटरनेशनल एयरपोर्ट परिसर में 40 से अधिक प्रजातियों के 7 लाख से ज्यादा पौधे लगाए गए हैं, जो टर्मिनल भवनों से लेकर प्रवेश मार्ग तक फैले हैं। एयरपोर्ट की हरियाली में 40,000 से अधिक इनडोर पौधे भी शामिल हैं, जिनमें स्पैथीफिलम, डायप्सिस लुटेसेंस, सेंसिवेरिया और गोल्डन पोथोस जैसी प्रजातियां शामिल हैं, जो हवा से विषैले तत्वों को अवशोषित कर शुद्ध ऑक्सीजन छोड़ती हैं।

दिल्ली एयरपोर्ट ग्रीन इनिसिएटिव के तहत चार लाख वर्ग मीटर में फैली लैंडस्केपिंग की गई है, जिसमें थाईलैंड और इंडोनेशिया की विदेशी पौधों की प्रजातियां भी शामिल हैं। एयरपोर्ट में भारत की सबसे बड़ी एयरपोर्ट नर्सरी है, जो 4 लाख वर्ग फुट में फैली हुई है और सालाना 1 लाख से अधिक फूलों और पत्तेदार पौधों का उत्पादन करती है।
हरियाली बनाए रखने के लिए डायल ने उन्नत माइक्रो सिंचाई प्रणाली स्थापित की है, जो 100 प्रतिशत सीवेज-उपचारित पानी का उपयोग कर पौधों की सिंचाई करती है। यह प्रणाली स्वचालित कंप्यूटराइज्ड कंट्रोल से संचालित होती है, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलता है।
डायल के सीईओ विदेह कुमार जयपुरियार ने कहा कि दिल्ली एयरपोर्ट की हरियाली केवल सौंदर्य के लिए नहीं, बल्कि यह एक स्थायी और पर्यावरण के अनुकूल भविष्य के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का हिस्सा है। यह यात्रियों के लिए एक शांतिपूर्ण और सुखद अनुभव सुनिश्चित करता है।
यह ग्रीन इनिसिएटिव न केवल एयरपोर्ट के भीतर यात्रियों को शुद्ध वातावरण प्रदान करती है, बल्कि दिल्ली में प्रदूषण कम करने और तापमान को नियंत्रित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

