हजारीबाग : पुलिस कार्यालय के अकाउंट सेक्शन से करोड़ों रुपये की फर्जी निकासी का बड़ा मामला सामने आया है। जांच में पता चला है कि अब तक करीब 27 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध निकासी की गई है।
पुलिस के अनुसार, यह गड़बड़ी पिछले लगभग 14 वर्षों से चल रही थी और इसे बहुत सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया जा रहा था। इस मामले में पुलिस ने तीन सिपाहियों शंभू कुमार, रजनीश कुमार और धीरेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है।
जांच आगे बढ़ने पर शंभू कुमार और रजनीश कुमार की पत्नियां काजल कुमारी और खुशबू कुमारी को भी गिरफ्तार ककर लिया गया है। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
फर्जी बिल बनाकर पैसे अलग-अलग खातों में करते थे ट्रांसफर
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी बिल बनाकर पैसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करते थे। खास तौर पर शंभू कुमार के खाते में बड़ी रकम भेजे जाने के सबूत मिले हैं।
बताया जा रहा है कि ये सिपाही कई वर्षों से अकाउंट सेक्शन में ही तैनात थे, जिससे उन्हें पूरे वित्तीय सिस्टम की अच्छी जानकारी थी। इसी का फायदा उठाकर उन्होंने लंबे समय तक यह गड़बड़ी की।
इनोवा और फॉर्च्यूनर जैसी महंगी गाड़ियों का करते थे इस्तेमाल
जांच में यह भी पता चला है कि इस अवैध पैसे से आरोपियों ने महंगी गाड़ियां जैसे इनोवा और फॉर्च्यूनर खरीदी और उनका इस्तेमाल करते थे। पहले भी इनकी संपत्ति को लेकर सवाल उठे थे, लेकिन उस समय इन्होंने सफाई में संपत्ति बेचकर गाड़ी खरीदने की बात कही थी।
एसपी अंजनी अंजन ने बताया कि इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि इस घोटाले में और कौन-कौन शामिल है। जल्द ही और खुलासे होने की संभावना है।

