Jamshedpur : झारखंड में निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे और उनके परिजनों से जुड़े मामलों में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। ताजा मामला मोहम्मद इरफान इकबाल नामक शख्स से जुड़ा है। इसके बैंक खातों से विनय चौबे के साले शिपिज त्रिवेदी के खातों में बड़े पैमाने पर संदिग्ध लेनदेन होने की बात सामने आई है। इस आधार पर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने इरफान इकबाल की भूमिका को लेकर जांच और तेज कर दी है।
एसीबी की जांच में सामने आया है कि मोहम्मद इरफान इकबाल के खाते से शिपिज त्रिवेदी के एक्सिस बैंक और पंजाब नेशनल बैंक के खातों में नकद, आईएमपीएस, एनईएफटी और आरटीजीएस के जरिए लगातार रकम ट्रांसफर की गई। शुरुआती जांच में कुल 25 लाख रुपये से अधिक के लेनदेन की पुष्टि हुई है।
जांच एजेंसी को संदेह है कि इरफान इकबाल बार-बार रकम ट्रांसफर कर रहा था और विनय चौबे के कथित वित्तीय नेटवर्क में उसकी भूमिका अहम हो सकती है। एसीबी को यह भी जानकारी मिली है कि कंपनियों और फर्मों के जरिए अवैध संपत्ति को घुमाने (लेयरिंग) का प्रयास किया गया।
इसके अलावा, जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया है कि शिपिज त्रिवेदी से जुड़ी कुछ निजी कंपनियों और फर्मों के खातों का इस्तेमाल भी पैसे को इधर-उधर करने के लिए किया गया। इनमें स्काई फ्लायर्स बिजनेस एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड, ब्रह्मास्त्र एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड और ट्रिवटर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। एसीबी का कहना है कि इन कंपनियों के खातों से हुए लेनदेन उनके घोषित व्यवसायिक कार्यों से मेल नहीं खाते।
अब एसीबी इस बात की गहन जांच कर रही है कि शिपिज त्रिवेदी के पास इतनी बड़ी रकम कहां से आई, क्या यह धन विनय चौबे से जुड़े कथित भ्रष्टाचार से संबंधित है, पैसा किस स्रोत से उत्पन्न हुआ और इसका वास्तविक लाभार्थी कौन है। झारखंड में यह मामला प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
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