- स्वास्थ्य विभाग से मिलीभगत का संदेह, जांच तेज, एफआईआर दर्ज करने की तैयारी
पलामू : झारखंड के पलामू जिले में अवैध रूप से संचालित ‘रक्षक इमरजेंसी हॉस्पिटल’ को बुधवार को फिर से सील कर दिया गया। यह अस्पताल एमआरएमसीएच (MRMCH) से केवल 500 मीटर की दूरी पर स्थित है। आरोप है कि यहां उचित अहर्ता के बिना ही अल्ट्रासाउंड जांच और मरीजों का इलाज किया जा रहा था। सदर एसडीओ सुलोचना मीणा को इस संबंध में गुप्त सूचना मिली थी। इसके आधार पर एसडीओ ने एमआरएमसीएच के डॉ. एसके रवि और डीपीएम प्रदीप कुमार के साथ मौके पर पहुंच कर जांच की।

फर्जी दस्तावेजों पर अस्पताल का संचालन

जांच के दौरान पता चला कि अल्ट्रासाउंड जांच अवैध रूप से की जा रही थी। साथ ही, अस्पताल संचालन के लिए कागजात और डिग्री फर्जी पाए गए। मौके पर उपस्थित कर्मचारी अस्पताल संचालन से संबंधित कोई जानकारी देने में असमर्थ रहे। एसडीओ सुलोचना मीणा ने बताया कि अस्पताल के बोर्ड पर जिन छह डॉक्टरों के नाम अंकित हैं, उनमें से कोई भी मौके पर मौजूद नहीं थे। जो कर्मचारी अस्पताल में मिले वे सेवा की अहर्ता पूरी नहीं करते हैं।
दो लोगों को हिरासत में, दर्ज होगी प्राथमिकी
जांच के दौरान दो कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया और उन्हें शहर थाना भेजा गया है। एसडीओ ने कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल का संचालन छतरपुर, पाटन, लेस्लीगंज सहित जिले के कई इलाकों से मरीज आये थे। उनका एमआरएमसीएच में इलाज किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत का संदेह
एमआरएमसीएच के नजदीक रक्षक इमरजेंसी हॉस्पिटल के संचालन के मद्देनजर इसमें स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों की भी मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। उल्लेखनीय है कि इस अस्पताल को विगत 10 दिसंबर 2024 को भी सील किया गया था, बावजूद फिर से अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया था।
सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की जांच
एसडीओ ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य विभाग में मिलीभगत के संदेह में मामले की गहन जांच की जाएगी। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। एफआईआर दर्ज करने के साथ ही इसमें संलिप्त स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना है।

