Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर थाना क्षेत्र में अवैध बालू कारोबार एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ है। धानापाली गांव के पास सोमवार देर रात रात एक दर्दनाक हादसे में अवैध बालू लदे ट्रैक्टर के पलटने से चालक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान 41 वर्षीय अजित टोप्पो के रूप में हुई है।
बताते हैं कि अजित टोप्पो रोज की तरह रात के समय अवैध रूप से बालू लेकर जा रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर मंदिर के पास खेत में पलट गया। ट्रैक्टर पर लदा बालू उसके ऊपर गिर पड़ा, जिससे वह बालू के नीचे दब गया। हादसे के बाद ग्रामीणों की मदद से उसे मनोहरपुर उप-स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही मनोहरपुर पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि शुरुआती दौर में मामले को दबाने का प्रयास किया गया। जब मामला तूल पकड़ने लगा, तब जाकर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल भेज दिया।
इस मामले में जब मनोहरपुर सीडीपीओ जयदीप लकड़ा से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया, जिससे प्रशासन का पक्ष सामने नहीं आ सका।
विभागीय मिलीभगत से फल-फूल रहा अवैध बालू कारोबार
स्थानीय सूत्रों के अनुसार मनोहरपुर, आनंदपुर, गोइलकेरा और गुदड़ी क्षेत्र की कोयल व कारो नदियों से अवैध बालू का उठाव लगातार जारी है। आरोप है कि यह सारा कारोबार प्रशासनिक मिलीभगत से धड़ल्ले से चल रहा है। पहले एसडीओ द्वारा छापेमारी कर दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की गई थीं, लेकिन वर्तमान में किसी भी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
बताया जा रहा है कि बालू माफिया रात के अंधेरे में अवैध खनन और परिवहन करते हैं, जिससे सरकार को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। अकेले मनोहरपुर क्षेत्र में रोजाना 50 से 60 ट्रैक्टर और कई हाईवा अवैध बालू ढोते हैं।
थाना के बगल से गुजरते हैं बालू लदे ट्रैक्टर, कार्रवाई शून्य
जानकारों का कहना है कि गुदड़ी और गोइलकेरा से निकलने वाले बालू लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली रोजाना सोनुवा और अन्य थाना क्षेत्रों से होकर गुजरते हैं, यहां तक कि कई वाहन थानों के सामने से निकल जाते हैं, लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती। अधिकांश बालू चक्रधरपुर की ओर भेजा जाता है।
लगातार हो रहे हादसों के बावजूद अवैध बालू कारोबार पर लगाम नहीं लगना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे।

