नई दिल्ली : पहली बार इनकम टैक्स रिटर्न भरने वाले करदाताओं की संख्या 9 करोड़ से भी अधिक है। इनमें से 36 प्रतिशत करदाता ऐसे हैं, जिनकी सालाना आय एक करोड़ से अधिक है। इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल के अनुसार 4 वर्ष पूर्व इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने वाले करदाताओं में 1 करोड़ से अधिक आय वालों की संख्या 2.24 करोड़ थी।
करदाताओं में 6.9 प्रतिशत की हुई वृद्धि
इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल ने एक जानकारी साझा करते हुए यह बताया है कि चालू वित्त वर्ष में 1अप्रैल 2024 से लेकर 31 जनवरी 2025 तक इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने वाले करदाताओं की संख्या में 6.9% का इजाफा हुआ है। यानी इनकी कुल संख्या 9 करोड़ से भी अधिक है। यदि इसकी अपेक्षा वर्ष 2023-24 में देखा जाए, तो 12 महीनों में 8.47 करोड़ लोगों ने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल किया था।
आसान ITR फाइलिंग ने किया प्रोत्साहित
पोर्टल के अनुसार इस वर्ष 31 मार्च (वित्त वर्ष के अंत) तक करदाताओं की संख्या 9.5 करोड़ के भी पार जाने की संभावना जताई गई है। करदाताओं के आईटीआर फाइल करने के पीछे जो कारण बताए जा रहे हैं, उनमें सबसे बड़ा कारण इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग की आसान प्रक्रिया है। इसके अलावा आईटीआर फाइलिंग अब यूजर फ्रेंडली बन गया है। इसमें अपडेटेड रिटर्न फाइल करने की भी सुविधा दी गई है।
आईटीआर फाइल करने के संबंध में जागरूकता अभियान भी चलाए जाते हैं। आयकर विभाग द्वारा ईमेल और SMS फॉलो- अप द्वारा करदाताओं को उनकी रिटर्न फाइलिंग की प्रत्येक प्रक्रिया से अपडेटेड रखा जाना भी इसकी पारदर्शिता को बढ़ाता है। इस कारण अधिक से अधिक संख्या में लोग आईटीआर फाइल कर रहे हैं।

