Chaibasa (Jharkhand) : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा में आयकर विभाग और जीएसटी इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खैनी और अन्य व्यवसायों से जुड़े प्रमुख कारोबारियों के ठिकानों पर धावा बोला। यह छापेमारी पिछले 18 घंटों से भी अधिक समय से चल रही है। इस क्रम में अब तक कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जब्ती की जा चुकी है, जिससे स्थानीय व्यवसाय जगत में खलबली मची हुई है।

विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग की यह सघन छापेमारी चाईबासा के तीन बड़े व्यवसायों से जुड़े चार महत्वपूर्ण ठिकानों पर केंद्रित है। इनमें नितिन प्रकाश का न्यू कॉलोनी नीमडीह स्थित आवास और राजाबाड़ी गली स्थित कार्यालय शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, पंकज खिरवाल का यूरोपीय क्वार्टर स्थित आवास और पिंटू अग्रवाल का नीमडीह स्थित आवास भी आयकर विभाग की टीम के घेरे में है। बताया जा रहा है कि इन ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक अलग टीम भी सक्रिय है, जो वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
खैनी से लेकर राइस मिल तक: चाईबासा में 18 घंटे से आयकर-जीएसटी की छापेमारी, बड़े खुलासे की आशंका!
सूत्रों की मानें तो आयकर विभाग को झारखंड खैनी, चावल मिलों और आदित्यपुर में स्थित बेसन-सत्तू की फैक्ट्रियों में किए गए निवेश से संबंधित कुछ अहम सूचनाएं मिली हैं। इसी विशेष जानकारी के आधार पर यह व्यापक छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। छापेमारी के दौरान, टीमों ने कई महत्वपूर्ण बैंकिंग लेन-देन के रिकॉर्ड, निवेश से जुड़े दस्तावेज, व्यावसायिक खाता-बही और इलेक्ट्रॉनिक डेटा को जब्त किया है, जिनका बारीकी से विश्लेषण किया जाएगा।
हालांकि, आयकर विभाग की ओर से इस पूरी कार्रवाई को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इस अप्रत्याशित छापेमारी के बाद चाईबासा के अन्य कारोबारियों और उद्योगपतियों में हड़कंप की स्थिति है, और कई अन्य व्यवसायियों में भी बेचैनी और आशंका का माहौल देखा जा रहा है। यह कार्रवाई आने वाले दिनों में चाईबासा के व्यापारिक परिदृश्य पर क्या प्रभाव डालती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

