नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य साजिशकर्ता तहव्वुर हुसैन राणा से पूछताछ शुरू कर दी है। अमेरिका से प्रत्यर्पित किए गए 64 वर्षीय राणा को गुरुवार शाम एक विशेष विमान से भारत लाया गया था, जिसके बाद उसे कड़ी सुरक्षा के बीच हिरासत में लेकर दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने 29 अप्रैल तक उसकी हिरासत को मंजूरी दी है।
तीन घंटे की शुरुआती पूछताछ, संतोषजनक जवाब नहीं
शुक्रवार को एनआईए अधिकारियों ने राणा से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान राणा ने ज़्यादातर सवालों पर “याद नहीं” और “पता नहीं” जैसे जवाब दिए। अधिकारियों को फिलहाल उसकी ओर से कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है, लेकिन एनआईए को उम्मीद है कि आगे की पूछताछ में अहम सुराग मिल सकते हैं।
क्या थे पूछताछ के मुख्य सवाल?
एनआईए ने तहव्वुर राणा से जिन प्रमुख बिंदुओं पर सवाल पूछे, वे इस प्रकार हैं:
- 26/11 हमलों की योजना में उसकी भूमिका क्या थी?
- पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के साथ उसके कैसे संबंध थे?
- आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से उसका संपर्क कैसे हुआ?
- उसे आतंकवाद फैलाने के लिए किसने और कैसे फंडिंग की?
- भारत में मौजूद स्लीपर सेल्स से उसका क्या रिश्ता था?
- उसके व्यापारिक सहयोगियों की भूमिका क्या रही?
परिवार और पृष्ठभूमि की भी जांच
सूत्रों के अनुसार, एनआईए ने पूछताछ के पहले चरण में राणा के पारिवारिक बैकग्राउंड और उसके जीवन के शुरुआती वर्षों की जानकारी हासिल की। यह जानने की कोशिश की जा रही है कि आतंकवाद की ओर उसका झुकाव कैसे और कब हुआ।
पूछताछ की प्रक्रिया और सुरक्षा उपाय
एनआईए ने तहव्वुर राणा की पूछताछ के लिए एक विशेष टीम बनाई है, जिसकी अगुवाई डीआईजी जया रॉय कर रही हैं। इस 12 सदस्यीय टीम ने ही अमेरिका से राणा के प्रत्यर्पण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
पूछताछ के दौरान हर सवाल और जवाब को डायरी में दर्ज किया जा रहा है, और बाद में राणा का डिस्क्लोजर स्टेटमेंट रिकॉर्ड किया जाएगा।
खुद को नुकसान न पहुंचा सके, कड़ी निगरानी में रखा गया
राणा को एनआईए मुख्यालय में 14×14 फीट के हाई-सिक्योरिटी लॉकअप में रखा गया है। यहां CCTV से 24 घंटे निगरानी की जा रही है। सुरक्षा गार्ड तैनात हैं ताकि वह पूछताछ से बचने के लिए खुद को नुकसान न पहुंचा सके।
पूछताछ समाप्त होने के बाद उसे तिहाड़ जेल भेजा जाएगा, जहां उसके लिए पहले से ही विशेष सुरक्षा प्रबंध किए जा चुके हैं।
फंडिंग और नेटवर्क पर भी पड़ताल
एनआईए अब इस बात की जांच कर रही है कि राणा को आतंकवादी गतिविधियों के लिए फंडिंग कौन करता था, उसके भारत और पाकिस्तान में संपर्क कौन-कौन थे और उसने किन लोगों के साथ मिलकर इस भयावह साजिश को अंजाम दिया।
18 दिन की हिरासत, 20 दिन की मांग
एनआईए ने अदालत से 20 दिन की रिमांड की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने फिलहाल 18 दिन की हिरासत मंजूर की है। एनआईए का कहना है कि इतने बड़े हमले की साजिश का पूरा दायरा समझने के लिए राणा से गहराई से पूछताछ जरूरी है।
यह पूछताछ आने वाले दिनों में कई अहम खुलासे कर सकती है, जिससे 26/11 हमले की साजिश की परतें और गहराई से खुल सकती हैं।
आगे की पूछताछ में क्या राणा कोई ठोस जानकारी देता है या अब भी चुप्पी साधे रखता है, यह देखना बेहद अहम होगा।

