Chakulia/Jamshedpur (Jharkhand) : झारखंड के पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) जिला के चाकुलिया प्रखंड में स्थित बांकशोल गांव में मंगलवार की रात अफरा-तफरी का माहौल रहा। लोगों को जाग कर रात गुजारनी पड़ी। दरअसल, पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे इस गांव में रात में दो हाथी घुस आए। हाथियों ने गांव में करीब दो घंटे तक जमकर उत्पात मचाया, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल उत्पन्न हो गया। हाथियों के गांव में घुसते ही लोग जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकलकर छतों पर चढ़ गए। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में खासा डर देखा गया। ग्रामीण लगातार शोर मचाकर और टॉर्च की रोशनी से हाथियों को भगाने की कोशिश करते रहे, लेकिन हाथी देर रात तक गांव में डटे रहे।
खेतों में फसल को किया बर्बाद, घर को क्षतिग्रस्त
इस दौरान हाथियों ने गांव के किसान जीवन चंद्र मुर्मू और चुनू मुर्मू की करेला की तैयार फसल रौंदकर पूरी तरह नष्ट कर दी। किसानों के अनुसार फसल कटाई के करीब थी और हाथियों के उत्पात से उनकी मेहनत पर पानी फिर गया। इसके अलावा हाथियों ने निमू रंजन मुर्मू के घर को भी निशाना बनाया। उनके घर की दीवार और अन्य हिस्सों को क्षतिग्रस्त कर दिया। हालांकि, इस घटना में किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि काफी देर तक गांव में उत्पात मचाने के बाद दोनों हाथी पश्चिम बंगाल की सीमा में स्थित चांदुआ जंगल की ओर चले गए। हाथियों के जाने के बाद ही लोगों ने राहत की सांस ली और अपने घरों से बाहर निकल सके।
वन विभाग ने बढ़ाई गश्त, ग्रामीणों ने की मुआवजे की मांग
घटना की सूचना वन विभाग को दी गई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने और फसल और संपत्ति के नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सीमावर्ती इलाका होने के कारण हाथियों का आना-जाना अक्सर बना रहता है, जिससे किसानों और ग्रामीणों को लगातार खतरे का सामना करना पड़ रहा है।

