Jamshedpur : जमशेदपुर में जमशेदपुर अंचल कार्यालय ने मनीफीट चौक पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया है। यहां बुलडोजर ने लगभग दर्जन भर दुकानों को ध्वस्त कर दिया है। इलाके के लोगों का कहना है कि अंचल की तरफ से उन्हें दो मार्च को नोटिस दी गई थी और इतनी जल्दी यह कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अभियान शुरू होते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। दुकानदार आनन फानन में अपनी दुकानों से सामान निकालने लगे। मगर कई दुकानें जब जमींदोज कर गई जब उनमें सामान भरा था। कई दुकानदार अपना सामान नहीं निकाल पाए।
मगर, लोग इस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि पूरा सिस्टम ही ठीक नहीं है। अधिकारी तब कहां थे जब यह दुकानें बनाई जा रही थीं। लोगों का आरोप है कि अंचल के अधिकारी पहले दलालों के साथ मिल कर अतिक्रमण कराते हैं। सरकारी जमीन की खरीद-फरोख्त कराई जाती है। बाद में अधिकारी खुद बुलडोजर लेकर पहुंच जाते हैं। इस खेल में अधिकारी और जमीन दलाल सब फायदे में रहते हैं। ठगे जाते हैं आम लोग। पूरे शहर में यही धंधा चल रहा है।
कई साल से दुकान बनाए थे लोग
दुकानदारों का कहना है कि वह यहां 25 साल से दुकानें चला रहे हैं। उन्हें सामान हटाने तक का मौका नहीं मिला। आज की कार्रवाई में एक ढाबा भी तोड़ा गया है, जिस व्यक्ति का यह ढाबा था उसने बगल में खाली जमीन पर गिट्टीऔर बालू का भी कारोबार कर रखा था। उसे भी हटाने को कहा गया है। बताया जा रहा है कि लगभग 1:00 बजे टाटा स्टील के अधिकारी जेएनएसी के अधिकारी के साथ मनीफीट चौक पहुंचे और अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया।
दुकानदारों में फैली नाराजगी, धरने पर बैठे
अभियान शुरू होते ही दुकानदारों में नाराजगी फैल गई। दुकानदार इसका विरोध करने लगे। लेकिन अतिक्रमण हटाओ अभियान चला रहे अधिकारियों के साथ भारी संख्या में पुलिस बल था। इसकी वजह से दुकानदार अधिक विरोध नहीं कर सके और बाद में उन्होंने धरना देना शुरू कर दिया। दुकानदारों का कहना है कि उनकी दुकानों को गैर कानूनी तरीके से गिराया जा रहा है। दुकानदारों का कहना है कि उन्हें सामान निकालने तक की मोहलत नहीं दी गई। उधर कहा जा रहा है कि कोर्ट का आदेश आने के बाद अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है। अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान सीओ मनोज कुमार भी मौजूद रहे।

