
Jamshedpur : झारखंड और ओडिशा के सीमावर्ती इलाकों में लगातार बारिश और जलाशयों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बैंकवेल और खरकई जलाशयों से बुधवार रात पानी छोड़ा गया है। रायरंगपुर सिंचाई प्रमंडल के अधीक्षण अभियंता ने बुधवार को पूर्वी सिंहभूम और मयूरभंज के प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र भेजकर इसकी सूचना दी है।
पत्र के अनुसार बैंकवेल जलाशय का जलस्तर 304.17 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि इसका पूर्ण जलाशय स्तर 305 मीटर है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान, जलाशय में हो रही पानी की आवक और कैचमेंट क्षेत्र में हुई बारिश को देखते हुए बुधवार रात 8 बजे दो स्पिलवे गेटों को अधिकतम 0.30 मीटर तक खोलकर करीब 46.562 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। जल निकासी के दौरान निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है।
इसी तरह खरकाई जलाशय का जलस्तर 312.54 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि इसका एफआरएल 313.50 मीटर है। यहां से भी आज बुधवार रात 8 बजे दो स्पिलवे गेट को 0.30 मीटर तक खोलकर करीब 60.264 क्यूमेक पानी छोड़े जा रहा है।
जलाशयों से पानी छोड़े जाने का असर संबंधित नदियों के जलस्तर पर पड़ रहा है। पूर्वी सिंहभूम में जल संसाधन विभाग की ओर से जारी दैनिक रिपोर्ट में भी खरकई और स्वर्णरेखा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार आदित्यपुर ब्रिज साइट पर खरकाई नदी का जलस्तर 127.01 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का स्तर 129 मीटर है। वहीं मानगो ब्रिज पर स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर 117.18 मीटर रहा, जबकि खतरे का स्तर 121.50 मीटर है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि सभी संबंधित अधिकारियों को जलाशयों से पानी छोड़े जाने की जानकारी दे दी गई है। रायरंगपुर सिंचाई प्रमंडल ने मयूरभंज के संबंधित प्रखंड प्रशासन के साथ-साथ पूर्वी सिंहभूम के जिला प्रशासन को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए सूचना भेजी है।
जलस्तर पर प्रशासन की नजर
जलाशयों से पानी छोड़े जाने के बाद नदियों के जलस्तर पर प्रशासन और जल संसाधन विभाग की नजर रहेगी। लोगों से नदी के निचले इलाकों और जलधाराओं के आसपास अनावश्यक रूप से जाने से बचने की अपील की जा सकती है। खासकर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलस्तर में संभावित वृद्धि को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।

