Jamshedpur : जमशेदपुर में अवैध निर्माण और नक्शा विचलन को लेकर झारखंड हाई कोर्ट ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। जमशेदपुर की 33 ऐसी इमारतों के नक्शा विचलन वाले हिस्से पर बुलडोजर चलाने का आदेश दिया गया है, जिनमें पार्किंग के लिए स्वीकृत बेसमेंट का इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।दरअसल, इन इमारतों के नक्शे में बेसमेंट को पार्किंग के रूप में दर्शाया गया था, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर वहां दुकानें, कार्यालय और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
इस मामले में वर्ष 2011 में ही हाई कोर्ट ने कार्रवाई का आदेश दिया था, जिसके बाद जिला प्रशासन ने करीब 35 इमारतों के बेसमेंट सील कर दिए थे। हालांकि, प्रशासनिक लापरवाही के चलते महज छह महीने के भीतर ही संबंधित भवन मालिकों ने सील तोड़कर दोबारा बेसमेंट खोल लिए और वहां व्यवसाय शुरू कर दिया।
अब कोर्ट ने इसे गंभीर अवमानना मानते हुए दोबारा कड़ा आदेश जारी किया है।हाईकोर्ट के ताजा निर्देश के मुताबिक जिन इमारतों में पार्किंग की जगह पर दुकानें या अन्य व्यावसायिक ढांचे बनाए गए हैं, उन्हें ध्वस्त किया जाएगा। प्रशासन को स्पष्ट कहा गया है कि पार्किंग को पूरी तरह खाली कराया जाए और भविष्य में नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। लेकिन, जिला प्रशासन न जाने क्यों इन इमारतों पर कार्रवाई करने से कतराता है। हाई कोर्ट इस तरह कई बार पहले भी कार्रवाई का आदेश दे चुका है। मगर, आज तक कभी भी इन इमारतों पर ढंग से कार्रवाई नहीं की गई।

