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Jamshedpur News : कोल्हान में इंडक्शन फर्नेस कंपनियों पर मेहरबानी, छोटे उपभोक्ताओं पर हर महीने बिजली विभाग की रेड | Jharkhand Bijli vitran Nigam Limited

साल 2018 के बाद अब बड़ी कंपनियों पर नहीं होती छापेमारी, छोटे उपभोक्ता रहते हैं निशाने पर

by Mujtaba Haider Rizvi
Jamshedpur power theft
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Jharkhand Hindi News : Jamshedpur : झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) इन दिनों कोल्हान की इंडक्शन फर्नेस कंपनियों पर मेहरबान है। कई साल से इन कंपनियों में बिजली चोरी का छापा नहीं मारा गया। साल 2018 में जब जेबीवीएनएल के महाप्रबंधक एएन मिश्रा थे, तो पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला खरसावां जिले की कंपनियों में लगातार छापेमारी होती थी। एक-एक कंपनी में कई करोड़ की बिजली चोरी पकड़ी जाती थी। मगर, जब से वह रिटायर हुए हैं, तब से जिले में शायद ही कभी किसी इंडक्शन फर्नेस में छापेमारी हुई हो। अब विभाग इन बड़ी कंपनियों पर मेहरबान है। जबकि, छोटे उपभोक्ताओं पर लगातार छापेमारी होती रहती है।

Kolhan Induction Furnace : एक‌ कंपनी के चलते हुई थी बदनामी

बताया जा रहा है कि आदित्यपुर की एक कंपनी ने बिजली विभाग की छीछालेदर कराई थी। इस मामले में विभाग को काफी झेलना पड़ा था। आदित्यपुर की इस बिजली कंपनी पर 30 करोड़ रुपये की बिजली चोरी का आरोप लगा था। यह कंपनी छापेमारी में पकड़ी गई थी। इस कंपनी का कनेक्शन काट दिया गया था। मगर, बाद में कंपनी के जिम्मेदारों ने इसका नाम बदल दिया और विभाग ने बिना जांच-पड़ताल किए ही इस कंपनी को बिजली का कनेक्शन दे दिया था।

Jamshedpur JBVNL : दबा दी गई एसआईटी जांच की रिपोर्ट

साल 2016-17 में पूर्वी सिंहभूम की इंडक्शन फर्नेस कंपनियों द्वारा बड़े पैमाने पर बिजली चोरी का मामला सामने आया था। 25 इंडक्शन कंपनियों पर 300 करोड़ रुपये तक की बिजली चोरी का आरोप था। राज्य सरकार ने इसकी जांच के लिए आईपीएस अधिकारी अनिल पाल्टा की अध्यक्षता में एक एसआईटी गठित कर दी थी। इस एसआईटी ने जमशेदपुर आकर सर्किट हाउस में बिजली विभाग के अधिकारियों से पूछताछ की थी। इस मामले में बिजली चोरी के अलावा, कंपनियों को बिजली कनेक्शन देने के मामले में भी हेराफेरी करने का आरोप विभाग के अधिकारियों पर लगा था। इस टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट विभाग के आला अधिकारियों को सौंपी थी। मगर, कार्रवाई के नाम पर लीपोपोती कर दी गई थी। महज, कुछ अधिकारियों का यहां से वहां तबादला कर दिया गया था।

पहले इन कंपनियों में पकड़ी जा चुकी है बिजली चोरी


सितंबर 2017- धालभूमगढ़ की इंडक्शन फर्नेस कंपनी हरीओम स्मेल्टर में पकड़ी गई थी बिजली चोरीसितंबर 2017- चाकुलिया की इंडक्शन फर्नेस कंपनी हिमाद्री स्टील में पकड़ी गई थी बिजली चोरी
सितंबर 2017- धालभूमगढ़ की इंडक्शन फर्नेस कंपनी शंकर फेरो अलाय में पकड़ी गई थी बिजली चोरी। हुआ था एक करोड़ रुपये का जुर्माना
जुलाई 2018- गम्हरिया की इंडक्शन फर्नेस कंपनी कृष्णा लक्ष्मी स्टील उद्योग प्राईवेट लिमिटेड में पकड़ी गई थी बिजली चोरी। तीन करोड़ से अधिक की बिजली चोरी का किया गया था आकलन।

बिजली विभाग के जीएम ने क्या कहा

बड़ी कंपनियों पर छापेमारी नहीं होने को लेकर जेबीवीएनएल के जीएम अजीत कुमार ने कहा कि पहले रांची से मुख्यालय की टीम आती थी। अभी वहां से क्या हो रहा है इस पर हम कुछ नहीं बोल सकते। जब उनसे यह पूछा गया कि पहले जीएम स्तर से भी टीम बना कर छापेमारी होती थी। इस पर जीएम ने कहा कि हम लोग बीच बीच में चेक करते रहते हैं।

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