रांची/जमशेदपुर : बसंत पंचमी 2026 और सरस्वती पूजा को लेकर राजधानी रांची और पटना समेत पूरे जिले में उत्साह और भक्ति का माहौल बन गया है। बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक माने जाने वाले इस पर्व से पहले पूजा समितियां, छात्र-छात्राएं और कारीगर पूरी तरह तैयारियों में जुटे हुए हैं। शहर के बाजारों से लेकर मूर्ति निर्माण केंद्रों तक, हर ओर चहल-पहल और रौनक साफ नजर आ रही है।

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मूर्ति निर्माण केंद्रों में रफ्तार
जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में कारीगर पारंपरिक शिल्पकला के साथ आधुनिक डिजाइन और रंग संयोजन का संतुलन बनाते हुए आकर्षक मूर्तियां तैयार कर दी गई हैं।
कारीगरों के अनुसार, इस वर्ष सरस्वती पूजा मूर्ति की मांग पिछले वर्षों की तुलना में अधिक है, खासकर शिक्षण संस्थानों और आवासीय कॉलोनियों से बड़े ऑर्डर मिल रहे हैं।
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Jamshedpur Market Basant Panchmi 2026 : इन मूर्तियों की बढ़ी मांग

इस बार सरस्वती पूजा में पर्यावरण अनुकूल मूर्तियों का चलन साफ दिखा। कारीगरों ने बताया कि लोग प्लास्टर ऑफ पेरिस की जगह मिट्टी और प्राकृतिक रंगों से बनी मूर्तियों को प्राथमिकता दिए थे। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि पारंपरिक कला को भी नया जीवन मिल रहा है। कई समितियों ने विसर्जन के दौरान जल प्रदूषण को रोकने के लिए पहले से ही दिशा-निर्देश तय कर लिए हैं।
पूजा सामग्री और सजावट की खरीदारी तेज
बसंत पंचमी से पहले सभी बाजारों में जबरदस्त रौनक देखी जा रही है। मूर्तियों के साथ-साथ पूजा सामग्री, पीले वस्त्र, फूल, माला, अगरबत्ती, धूप, कलश और सजावटी सामान की दुकानों पर भीड़ उमड़ रही है। थोक और खुदरा बाजारों में व्यापारी मांग को देखते हुए अतिरिक्त स्टॉक मंगा रहे हैं।
व्यापारियों के मुताबिक, सरस्वती पूजा और बसंत पंचमी के कारण बाजार में बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
Jamshedpur Market Basant Panchmi 2026 : अंतिम चरण में सजावट
इधर, शहर के विभिन्न मोहल्लों और शिक्षण संस्थानों में सरस्वती पूजा पंडाल बनाने का कार्य भी लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है। पंडालों को आकर्षक रूप देने के लिए थीम आधारित सजावट, लाइटिंग और कलात्मक डिजाइन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पूजा समितियों के सदस्य समय पर सभी तैयारियां पूरी करने में जुटे हैं, ताकि बसंत पंचमी के दिन श्रद्धालु पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर सकें।

