रांची : राज्य के सबसे बड़े हॉस्पिटल रिम्स में सरस्वती पूजा धूमधाम से मनाई गई। लेकिन इस आयोजन से पहले कुछ विवाद भी हुए। यहां तक कि पूजा के आयोजन पर प्रबंधन ने रोक लगा दी थी। इसके बाद जूनियर डॉक्टरों ने स्वास्थ्य मंत्री से गुहार लगाई। मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने त्वरित एक्शन लिया और पूजा कराने का निर्देश दिया। इसके बाद प्रबंधन ने कुछ शर्तों के साथ पूजा करने की अनुमति दी। स्वास्थ्य मंत्री और गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद सोमवार को पूजा में शामिल हुए। वहीं डायरेक्टर के साथ रिम्स के प्रोफेसर भी पूजा में शामिल हुए।

देर रात तक नहीं बजेगा लाउड स्पीकर
रिम्स प्रबंधन ने शर्तों के साथ सरस्वती पूजा आयोजन की अनुमति दी है। आयोजन के लिए 10 शर्तें निर्धारित की गईं। जिनमें इको-फ्रेंडली मूर्ति, लाउडस्पीकर के निर्धारित समय और प्रसाद सामग्री की जानकारी शामिल हैं। पूजा के दौरान जबरन चंदा वसूली पर रोक लगाई गई थी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं है। इसके अलावा शराब और मादक पदार्थों का सेवन पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है। शर्तों के उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

मारपीट की घटना के बाद लगी थी रोक
रिम्स के चिकित्सकों ने स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर सरस्वती पूजा के आयोजन की अनुमति देने के लिए आभार जताया था। इस दौरान, आईएमए के संयुक्त सचिव न्यूरो सर्जन डॉ. विकास कुमार के नेतृत्व में रिम्स जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने डॉ. अंसारी को पूजा में शामिल होने का न्यौता भी दिया था, जिसे उन्होंने स्वीकार किया। मुलाकात के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने रिम्स स्टूडेंट्स के साथ 24 जनवरी की रात हुई मारपीट के मामले की जानकारी ली थी। चूंकि इस घटना के बाद प्रबंधन ने पूजा पर रोक लगा दी थी। इस घटना में ऋषभ नाम का स्टूडेंट घायल हो गया था। मंत्री ने मामले की गहनता से जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था।

